रूस का ओबामा को जवाब, बंद किए 28 अमेरिकी संस्थान

वॉशिंगटन. अमेरिका के 35 रूसी अधिकारियों को देश छोड़ने के आदेश पर प्रतिक्रिया करते हुए ने कल्चरल प्रोग्राम होस्ट करने और इंग्लिश लैंग्वेज पढ़ाने वाले 28 अमेरिकी संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है.

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उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को हैकिंग के माध्यम से प्रभावित करने के मामले में कार्रवाई करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गुरुवार को रूसी खुफिया एजेंसियों पर प्रतिबंध लगाते हुए 35 रूसी अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया था.

ओबामा प्रशासन के मुताबिक़ अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस निष्कर्ष पर पहुंची हैं कि रूस का मकसद डोनाल्ड ट्रंप की जीत सुनिश्चित करना था. ट्रंप ने एजेंसियों के इस आकलन को हास्यास्पद करार दिया था.

वहीं रूसी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा था कि रूस, अमेरिका के इस क़दम का समुचित जवाब देगा. इसके बाद रूस पलटवार करते हुए कल्चरल प्रोग्राम होस्ट करने और इंग्लिश लैंग्वेज पढ़ाने वाले 28 अमेरिकी संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है.

अपनी प्रतिक्रिया में अमेरिका ने इसे कूटनीतिक रिश्तों पर प्रहार बताया है. गौरतलब है कि बराक ओबामा के कार्यकाल में महज़ 20 दिनों का समय ही शेष है और अमेरिका में इन दिनों सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में ओबामा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नीतिगत फैसले लेना हैरान करने वाला है.

अमेरिकी प्रशासन का मानना है रूस की सरकार अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही थी. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस निष्कर्ष पर पहुंची हैं कि रूस का मकसद डोनाल्ड ट्रंप की जीत सुनिश्चित करना था.

अमेरिकी इंटेंलिजेंस अधिकारियों ने कथित तौर पर माना था कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के कैंपेन के दौरान हुई हैकिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन खुद शामिल थे और रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन ने खुद निर्देश दिए थे कि हैकिंग को कैसे अंजाम देना है और इसे कैसे इस्तेमाल करना है.

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