अविस्मरणीय होगा दशमेश गुरु का 350वां प्रकाशोत्सव

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Shri guru govind singh prakashotsav patna bihar

सिखों के दशमेश गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव को लेकर पटना पूरी तरह मिनी पंजाब में तब्दील हो चुका है. देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है. प्रभातफेरी, शबद कीर्तन और गुरुवाणी की स्वरलहरियों से पटना सिटी स्थित हरिमंदिर साहिब, बाललीला गुरुद्वारा और आस-पास का इलाका गुंजायमान है. गुरु की धरती पर उतरने के बाद श्रद्धालु अपने को धन्य मान रहे हैं और “जो बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल…” के नारों के बीच जत्थे की शक्ल में हरिमंदिर साहिब की ओर प्रस्थान कर रहे हैं. प्रकाशोत्सव में लगभग 05 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है.

पटना सिटी की गलियां, सड़कें और इमारतें सबकुछ गुरुपर्व के रंग में रंग चुकी हैं. हरिमंदिर साहेब और इसके आसपास की रौनक देखते ही बन रही है. दर्शन के लिए तख्त साहिब में दिनभर श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लग रही है. श्रद्धालु गुरु की निशानी और यादगारी का दर्शन कर निहाल हो रहे हैं. प्रतिदिन पञ्च प्यारों के नेतृत्व में प्रभात फेरी निकाली जा रही है.

प्रकाशोत्सव को लेकर पटना में दिन-रात का फर्क मिट गया है. सड़कों पर देर रात तक चहल-पहल देखी जा रही है. पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और उसके आसपास के इलाकों में बिजली की जगमगाहट और तोरणद्वारों से खूबसूरती देखते ही बन रही है. हरिमंदिर साहिब और बाल लीला गुरुद्वारा को रंग-बिरंगी बल्बों से इस तरह से सजाया और संवारा गया है कि आने वाले श्रद्धालुओं की नजरें दूर से ही उस ओर चली जा रही हैं.
कभी अंधेरे में डूबा रहने वाला पटना सिटी का चौक शिकारपुर रोड ऊपरी पुल भी प्रकाशोत्सव के मौके पर जगमगा रहा है.
पटना साहिब स्टेशन और गुरुद्वारा तक जानेवाली सभी सड़कों को रेडियम लाइट से बड़ी ही खूबसूरती के साथ सजाया गया है. साफ-सफाई की बात तो पूछिये ही मत. यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है कि आप पटना सिटी में हैं.

कंगन घाट पर पर्यटन विभाग द्वारा गंगा की लहरों पर घूमने के लिए स्टीमर और नौकाओं की व्यवस्था की गयी है जो श्रद्धालुओं को खूब भा रही है. नौकाओं पर सवार श्रद्धालु वाहे गुरु का नारा लगाते हुए गंगा की सैर का आनंद उठा रहे है. गंगा नदी के किनारे कंगन घाट पर इन दिनों मरीन ड्राइव का नजारा दिख रहा है.

श्रद्धालुओं के रहने के लिए पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और बाल लीला गुरुद्वारा के अलावा कंगन घाट, गांधी मैदान और बाईपास में विशाल टेंट सिटी का निर्माण किया गया है. टेंट सिटी में ऐसे अत्याधुनिक कमरे बनाये गये हैं जहां लोगों को ठंड के मौसम में भी गर्मी का एहसास हो रहा है.

गांधी मैदान गुरु की नगरी बन गयी है जहां अस्थायी गुरुद्वारा के साथ ही लंगर के तीन बड़े हॉल और कई जोड़ा घर बनाये गये हैं.
गांधी मैदान के पास रामगुलाम चौक स्थित प्रवेश द्वार गुरुद्वारे का एहसास दिला रहा है.

प्रकाशोत्सव में श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था अद्भुत है. अभी दिन और रात मिलकर काम से कम 5 लाख लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है. सबसे बड़ी बात खाना बनाने का काम स्वयंसेवकों के जिम्मे है. लंगर में रोटी बनाने की मशीन लगायी गयी है जिसमें प्रति घंटा एक हजार से ज्यादा रोटियां तैयार हो रही हैं. यह मशीन लेबनान संगत के द्वारा पंजाब स्थित गुरुद्वारा को मुहैया करायी गयी थी जिसे प्रकाशोत्सव के लिए यहां भेजा गया है. इसके अलावा आटा गूंथने की मशीन भी यहां लायी गयी है. वहीं, पंजाब के मोगा से गुलाबजामुन बनाने की मशीन भेजी गयी है जिससे एक घंटे में 12620 गुलाबजामुन तैयार हो रहा है. पिन्नी प्रसाद के लिए भी विशेष व्यवस्था की गयी है.

लंगर और उसके आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जूठे बरतनों को सात बार धोया जा रहा है. सब्जियों के लिए स्थानीय किसानों की खेत में लगी पूरी फसल को ही खरीद लिया गया है. सरसों का साग पंजाब से आ रहा है. मक्के की रोटी की भी व्यवस्था है.

प्रकाशोत्सव के मौके पर राज्य सरकार की ओर से विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है. सात राज्यों के ख्याति प्राप्त कलाकार गुरु नगरी में अपनी कला से समां बांधेंगे. छह दिवसीय सांस्कृतिक समारोह की शुरुआत नववर्ष की पूर्व संध्या यानी 31 दिसम्बर को होगी. कार्यक्रम में ख्यातिलब्ध कलाकार बीबी आशुप्रीत कौर (ख्याल गायिकी), पं0 रघुवीर मल्लिक (ध्रुपद गायन), विदुषी ज्योति हेगड़े (रूद्र वीणा), भाई बलवीर सिंह रागी (गुरु संगीत गायन), भाई बलवीर सिंह (काव्य और गुरूवाणी पाठ) एवं पं0 राजेन्द्र गंगानी (कथक नृत्य) अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देंगे.

सुरक्षा की दृष्टि से भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ा गया है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गयी है. पटना पुलिस के अलावा अन्य जिलों से आये 13 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है. कुल 25 हजार पुलिसकर्मी दंडाधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं. तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में 120 सीसीटीवी लगाये गये हैं. टेंट सिटी के आसपास 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है.

पांच दिवसीय  350 वें प्रकाशोत्सव की विधिवत शुरुआत 01 जनवरी को होगी. विशेष पंडाल पटना के गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में सजेगा. इसमें कवि दरबार, ढ़ाडी दरबार, कीर्तन दरबार का आयोजन होगा. समारोह में विश्व प्रसिद्ध उच्च कोटि के संगीतकार, रागी जत्था, ढ़ाडी जत्था व प्रचारक शामिल होंगे.

तीन जनवरी को गांधी मैदान में मार्शल आर्ट, गतका पार्टी अपना जौहर दिखायेंगे. उसी दिन तख्त श्री हरिमंदिर से बड़ी प्रभात फेरी निकलेगी. 4 जनवरी को 10 बजे दिन में गांधी मैदान से नगर कीर्तन निकलेगा. दस किलोमीटर लंबे नगर कीर्तन को गांधी मैदान से 10 बजे निकलने के बाद तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब पहुंचने में रात के 8-9 बजे तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.

05 जनवरी 2017 को मुख्य दीवान गांधी मैदान में सजेगा. मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सहित देश की तमाम बड़ी शख्सियतों को भी समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. समारोह के अंतिम दिन रात में तख्त श्री हरिमंदिर जी साहिब में दशमेश गुरु का 350 वां प्रकाशोत्सव मनाये जाने के साथ ही समारोह का समापन होगा.

आयोजन की भव्यता का एहसास आपको पटना आने पर  ही होगा. सरकारी मशीनरी के साथ साथ आमलोग भी तन-मन-धन से जुटे हुए हैं. कोई शक नहीं दशमेश गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म स्थान पटना साहिब विश्व के मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है.

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