दुनिया और दुनियावाले अपने ख़ुदा से ख़ुद कनेक्ट हो जाते हैं, उन्हें आप जैसे बिचौलिए नहीं चाहिए

mohammad shami with wife

भारत के चहेते क्रिकेटर मोहम्मद शमी, अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मौज़ूदगी पहली ही मैच से दर्ज़ करा चुके हैं. 26 साल के इस युवा क्रिकेटर का खेल के प्रति ज़ुनून उसके किसी एक दो बेस्ट परफॉरमेंस से ही नहीं, भारतीय टीम को उसके नियमित योगदान को देख कर समझ आता है. ज़हीर खान के बाद टीम में पैदा हुए तेज़ गेंदबाज के वैक्यूम को इन्होंने बख़ूबी भरा… और इन्हें रिवर्स स्विंग का बेताज बादशाह कहा जाए तो अतिश्योक्ति ना होगी.

लेकिन अभी हाल ही में सोशल मीडिया में 23 दिसंबर को इन्होंने अपनी पत्नी हसीं जहां के साथ तस्वीर क्या ट्विटर पर डाली, देश भर के कठमुल्ले इन्हें इनकी सुन्नियत पर लौट आने का फरमान दे रहे हैं. कोई क्रिकेटर पठान बंधुओं की दुहाई दे रहा है कोई हाशिम अमला और पाकिस्तानी क्रिकेटरों से सीखने को कहा रहा… कोई धमकी दे रहा है तो कोई ख़ुदा से खौफ़ खाने का हुक़्म सुना रहा है. साझा की तस्वीर में देखें कैसे बेहूदे कमेंट उनके ट्विटर हैंडल पे भेजे गए हैं..!

साहब, जैसा तारिक़ फ़तेह जी अक़सर कहते हैं… एक तो है अल्लाह का इस्लाम और एक है मुल्ला का इस्लाम… आप सब इस भले मानुष को क्यों अल्लाह के इस्लाम से मुल्ला के इस्लाम में धकेलने को इतने उतावले हो रहे हो..! आख़िर क्या गुनाह है जो एक 26 साल का युवा इंटरनेशनल सेलिब्रिटी क्रिकेटर अपनी वाइफ के साथ उसकी किसी पार्टी गाउन की तस्वीरें साझा कर लेता है..

मुझे तो वो गाउन किसी भी दृष्टी से अश्लील या फूहड़ नहीं लगा.. तो क्यों ये सुन्नत का हवाला दे कर ट्विटर पर ट्रोल किया जा रहा है. उसे देख कर कौन सा आप में से किसी सच्चे मुस्लिम का आँखों से ज़िना हो रहा है!

मोहम्मद शमी या आप में से किसी भी मुस्लिम का ये अपना चुनाव नहीं था कि आप किस घर में पैदा होंगे या किस मज़हब को मानेंगे… लेकिन अब, ये आपका अपना चुनाव है कि एक मुस्लिम परिवार में पैदा होने के बाद आप मुसल्लम-ए-ईमाँ को मानने वाले मुसलमान बनेंगे या लकीर के फ़कीर कठमुल्लों की बेसिरपैर की बातोँ से अपने दिल ओ दिमाग को कुन्द रखेंगे…!

माना कि क़ुरआन पाक में पैग़म्बर साहब ने कुछ आयतें इस लिए बताई हों कि जिनसे एक मुस्लिम अपने रीती रिवाज़ों को बनाये रख सके, जिसमें उसे अपनी बीवी और बच्चों को नेकी और ख़ुदा की राह में लगाये रखने के तरीक़े बताये हों… मगर भला पैग़म्बर साहब ने कौन सी आयत में ये कहा है कि किसी का मजाक बनाया जाए, किसी की बीवी का मज़ाक बनाया जाए, किसी को धमकियाँ दी जाएँ..!

और जिस क़यामत का ज़िक्र कर कर के आप मज़हब के दल्ले और ठेकेदार बन गए हैं… आप बताएं क्या उस रोज़ आप को जवाब नहीं देना होगा ख़ुदा को..! साहब, थोड़ा तो इंसान बनिए… थोड़ा तो आदमी को उसकी निजता में जीने का हक़ दीजिये… थोड़ा तो खुद भी आज़ादी से जी लीजिये..!!!

गौरतलब हो कि क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़, और गीतकार जावेद अख़्तर ने mo. शमी का पुरज़ोर समर्थन किया है.

लेकिन शायद, आप जैसों की समस्या ये है कि आप को लगता है आपके सिखाये पूरी दुनिया इस्लाम को समझ पायेगी.. अल्लाह को मान पायेगी… लेकिन ज़नाब, आप जैसे कित्ते फन्ने खां आये और गये… दुनिया और दुनियावाले अपने ख़ुदा से ख़ुद कनेक्ट हो जाते हैं.. उन्हें आप जैसे बिचौलिए नहीं चाहिए.

मोहम्मद शमी, आप कल भी देश की आवाम के हीरो थे.. आज भी हैं और कल भी रहेंगे..!!

जय हिन्द!

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