‘काले धन और भ्रष्टाचार के हिमायतियों को हराने के लिए नोटबंदी के बाद बार-बार बदले गए नियम’

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद नियमों हो रहे जल्दी-जल्दी बदलावों के बारे में कहा है कि ऐसा लोगों की परेशानियों को दूर करने और ऐसी शक्तियों को हराने के लिए किया जा रहा है जो काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के प्रयासों का विरोध कर रहे हैं.

नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई बढ़ाने के वादा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह तो केवल शुरुआत है, सरकार जल्द ही बेनामी संपत्तियों के खिलाफ एक सख्त कानून को लागू करेगी.

‘मन की बात’ में देश की जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बेनामी संपत्ति पर बोलते हुए कहा, ‘बेनामी संपत्ति कानून 1988 में बनाया गया था लेकिन इनमें कोई नियम नहीं बनाए गए और न ही सालों तक इसे नोटिफाई किया गया.’

उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे वादा करता हूं कि यह अंत नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत है. अब इस लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. हम बेनामी संपत्ति के खिलाफ सख्त कानून लाएंगे और उस कानून को लागू भी किया जाएगा.’

प्रधानमंत्री ने बताया कि कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए एक नई स्कीम लॉन्च की जा रही है जिसमें डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वालों के लिए रोजाना 15,000 रुपये के इनाम दिए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि राजनीतिक दलों को नोटबंदी से सारी छूट दी गई हैं. उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी लोग बराबर हैं. उन्होंने डिसेबिलिटी बिल पास करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा की सराहना भी की.

उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए दिव्यांग लोगों के अधिकारो, सम्मान और मर्यादा की रक्षा होगी. पीएम ने कहा कि नया कानून संयुक्त राष्ट्र द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं के अनुरूप है.

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