चार साल के युद्ध के बाद रूस समर्थित सीरियाई सेना के कब्ज़े में आया अलेप्पो

अलेप्पो. पिछले चार सालों से जारी युद्ध के बाद रूस समर्थित सीरियाई सेना ने अलेप्पो शहर को पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है. साल 2011 से शुरू हुए गृह युद्ध में इसे अब तक की सबसे बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है.

शहर को विद्रोहियों से पूरी तरह खाली कराए जाने के संबंध में सीरियाई सेना ने जानकारी दी. इसके साथ ही पिछले एक महीने से पूर्वी अलेप्पो में चल रहे खूनी संघर्ष का खात्मा हो गया है.

इससे पहले रेड क्रॉस बाकी बचे चार हज़ार से ज्यादा विद्रोहियों को खदेड़ने की बात कह चुकी है. इस एक महीने में पूर्वी अलेप्पो को जो नुकसान की जानकारी है, वह सीरिया में विद्रोही आंदोलन के चलते बीते छह सालों की तबाही में सबसे भयानक माना जा रहा है.

सेना ने कहा है कि उसने सीरिया के तबाह हुए दूसरे शहर अलेप्पो को पूरी तरह फिर से नियंत्रण में ले लिया है जो वर्ष 2011 में शुरू हुए गृह युद्ध के बाद से विपक्षी बलों के खिलाफ उसकी सबसे बड़ी जीत है.

यह घोषणा ऐतिहासिक निकासी समझौते के बाद कल की गई और इसके साथ ही सरकारी बलों एवं सहयोगी मिलिशिया द्वारा पूर्वी अलेप्पो में छेड़ा गया महीने भर चला भीषण आक्रमण समाप्त हो गया.

सेना ने एक बयान में कहा कि जनरल कमांड ‘अलेप्पो के आतंकवाद एवं आतंकवादियों से आजाद होने एवं वहां रहने वालों की रवानगी के बाद उस पर सुरक्षा बलों के फिर से कब्जे की घोषणा करते हैं.’

विद्रोही बलों के एक अधिकारी ने इसे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह के लिए ‘बड़ा नुकसान’ बताया.

नूरेद्दीन अल जिंकी विद्रोही समूह के यासिर अल यूसुफ ने एएफपी से कहा, ‘राजनीतिक स्तर पर यह एक बड़ा नुकसान है.’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रांति के लिए यह पीछे हटने का समय है और एक मुश्किल मोड़ है.’

अहरार अल शाम विद्रोही समूह के अहमद कोर्रा अली ने असद के निकटतम सहयोगियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘अलेप्पो अब रूस एवं ईरान के कब्जे में है.’

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