70 साल में इस देश का क्या कर दिया रे तुमने

एक टटपूंजिये प्रॉपर्टी डीलर से, हजारों करोड़ की संपत्ति, एयरलाइंस, बंगले, फार्महाउस और राजनीति की बड़ी हैसियत…. बलात्कारी गोपाल कांडा.

चालीस अरब डॉलर की अकूत संपत्ति, विदेशों में अथाह अज्ञात काला धन, हवाला व्यापार, घुड़दौड़ की सट्टेबाजी और राजनैतिक रसूख…. हसन अली घोड़े वाला.

कुछ साल पहले पकड़ा गया अनिल शर्मा, विमान कंपनी, अवैध विदेशी मुद्रा का व्यापार, हजारों करोड़ की अवैध संपत्ति….

अपनी बेटी की शादी में दिल्ली में एक पूर्व प्रधानमंत्री के घर का उपयोग करने वाला पारसमल लोढा, अरबों रुपये का काला धन, राजनैतिक रिश्ते, हवाला कारोबार और बड़े बड़े फार्महाउस. नोटबंदी में मुद्रा बदलने का सबसे बड़ा खिलाडी. यहाँ तक कि दाऊद इब्राहिम तक से रिलेशन की संभावना.

ये दो-चार उदाहरण हैं जो ऊँट के मुंह में जीरे के बराबर हैं. 70 साल में क्या किया रे इस देश का तुम ने और तुम्हारे खानदान ने!

हरामखोर पैदा किये जिन्होंने गरीब का खून चूस-चूस कर अपनी तिजौरियां भर लीं. फिर भी जनता के सामने मुंह उठाकर भाषण देते तुम्हे शर्म नहीं आती.

मुझे आज उनकी बुद्धि पर तरस आता है जो कहते हैं कि नोट बंदी से क्या हासिल हुआ.

आज फिर मित्र अजीत सिंह की बात याद आ रही है. यदि मोदी इनके बिलों में बिहार के मुसहरों की तरह पानी नहीं भर देता तो ये कभी बाहर नहीं आते.

[अजीत सिंह की बात : दौड़ा के मारने का मज़ा ही अलग है, तैयार रखिए डंडा]

दूसरी और इस से महत्वपूर्ण बात – क्या इन अकूत धन के मालिकों ने नरेन्द्र मोदी और भाजपा को मैनेज करने का प्रयास नहीं किया होगा?

जरूर किया होगा… मगर उस संन्यासी से मुंह की खाकर पिंजरे में फंस गए. जो देश के लिए अपना घर बार, भाई भतीजे और यहाँ तक कि अपने परिवार को भी त्याग चुका है, उसे धनपशु कीड़े क्या फुसला पाएंगे.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY