अपनी कहानी हमें बताएँ, हम दुनिया को बताएँगे : जब झुग्गी बस्ती के बच्चों ने पहली बार चखा पिज़्ज़ा

रेलवे स्टेशन के पास झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाला चार साल का मुन्नू रविवार को पहली बार होटल के बाहर पहुंचा तो जाते ही बाहर खड़े दरबान से मासूमियत से पूछा कि अंकल आज हमें कोई मारेगा तो नहीं…

जवाब मिला,’नहीं आज तो आप हमारे मेहमान हैं.’ यह सुन मुन्नू के चेहरे पर खुशी दौड़ आई. दरअसल, मुन्नू इस होटल में हमेशा आता, लेकिन बाहर से ही भगा दिया जाता. रविवार को झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले इन 25 से ज्यादा बच्चों ने पहली बार होटल में जाकर पार्टी की.

दरअसल यहां सैलून चलाने वाले दीपक और प्रिया सैन के बेटे अंश का पहला जन्मदिन था. उसकी इच्छा थी कि वह बेटे के जन्मदिन को अलग तरीके से मनाए.

– इसके पीछे भी सोच यह थी कि बचपन में दीपक व उसके परिवार की पारिवारिक परिस्थितियां ठीक नहीं थी.

– घर में जब भी खुशी का कोई मौका होता तो वह इसे झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के साथ ही बांटते.

– इसलिए दीपक ने रविवार को बेटे का पहला जन्मदिन इन्हीं जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाने का निर्णय लिया.

– दीपक ने बताया, रविवार को जब वह इन बच्चों को पार्टी के लिए लेने पहुंचे तो बच्चों ने बड़ी जिज्ञासा से पूछा कि अंकल क्या आप हमें लंगर खिलाने ले जा रहे हो?मैंने कहा लंगर नहीं, पिज्जा और बर्गर खिलाऊंगा तो बच्चे बहुत खुश हुए.

पार्टी में बोले बच्चे -हमेशा टीवी पर देखते थे बर्गर-पिज्जा, आज पहली बार खाया.

– होटल की चकाचौंध देखकर पहले तो सब बच्चे डरे सहमे से थे. लेकिन जब होटल के कर्मचारियों ने बच्चों का सत्कार किया तो सब खूब खुश हुए.

– पहले तो इन्होंने जमकर बर्गर, पिज्जा और केक का आनंद लिया, फिर डीजे पर बजने वाले गानों पर झूमे भी.

– दूसरी क्लास में पढ़ने वाली पिंकी ने बताया कि स्कूल में कभी कभी लड्डू समोसे तो खाने को मिल जाते हैं, लेकिन उसने पिज्जा पहली बार खाया है.

– चार साल का राजू बोला, बर्गर पिज्जा हमेशा टीवी पर देखता था, लेकिन आज पहली बार उसने बर्गर व पिज्जा खाया.

“आप की कहानी, आप की ज़ुबानी. अपनी आपबीती हमें बताएँ, हम दुनिया को बताएँगे.”

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