वीडियो : प्रधानमंत्री की कानपुर रैली – हम काला धन रोकने में और ‘वे’ संसद रोकने में लगे

कानपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जहां हम भ्रष्टाचार को खत्म करने की लड़ाई लड़ रहे हैं, हमारा एजेंडा है कि विकास हो, भ्रष्टाचार बंद हो, कालाधन बंद हो, लेकिन उनका एजेंडा है कि संसद बंद हो.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा में अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की लहर नहीं आंधी चल रही है.

संसद के शीतकालीन सत्र में कामकाज न हो पाने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए पीएम ने कहा, ये लोग राष्ट्रपति के कहने के बाद भी हो-हल्ला करते रहे, नारे लगाते रहे.

उन्होंने कहा, ये लोग इसलिए ऐसा करते रहे क्योंकि जिन मुद्दों पर सरकार चर्चा चाहती थी उन मुद्दे से भाग रही थी.

मोदी ने कहा, अब तक जो सरकार चल रही थी,उन्हें उसका साब देना मुश्किल हो रहा था. सदन में स्पीकर पर कागज फेंके गए, ऐसा तो लोग मुन्सिपलिटी में भी नहीं करते हैं….

पीएम ने कहा कि यहां के युवाओं को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं.

युवाओं को यदि सही प्रकार से मौका और सुविधाएं दी जाएं तो वे राष्ट्र के विकास में बहुत योगदान कर सकते हैं.

पीएम ने यहां चुनाव आयोग कि सिफारिशों का स्वागत किया और कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की संसद में चर्चा होनी चाहिए.

देश ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहता है. राजनीतिक दल हर पैसे का हिसाब दें.

प्रधानमंत्री ने बताया कि मैंने शुरू से ही इस बारे में राजनीतिक दलों से चर्चा करने को कहा है. मैंने सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को उठाया था. पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हों.

पीएम ने कहा कि हमारा एजेंडा काला धन और भ्रष्टाचार खत्म करने का है और विपक्ष का एजेंडा संसद बंद करने का है. विपक्ष ने संसद नहीं चलने दी. राष्ट्रपति के कहने पर भी संसद नहीं चली.

मोदी ने कहा कि विपक्ष ने बेईमानों के लिए हंगामा किया. म्यूनिसिपल में चुने हुए लोग भी ऐसा व्यवहार करने से पहले 50 बार सोचते हैं. ऐसा पहली बार हुआ कि बेईमानों की मदद करने के लिए कुछ लोग संसद में नारे बोल रहे थे.

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमें बदनाम करने की कोशिश करती है. जब सीताराम केसरी कोषाध्यक्ष थे, तो कांग्रेस के लोग ही बोलते थे, ‘न खाता न बही, केसरी कहे वही सही’.

उन्होंने कहा, कांग्रेस के लोग भाषण देते थे कि राजीव गांधी कंप्यूटर लाए, अब मैं कहता हूं कि मोबाइल को बैंक बना दो, तो कहते हैं कि मोबाइल हैं ही नहीं.

पीएम ने यहां एक बार फिर डिजिटल ट्रांजेक्शन का बात कही और कहा कि मोबाइल को अपना बैंक बना लें. चाय पीएं और अपने मोबाइल से पेमेंट करें.

पीएम ने कहा कि 8 नवंबर को हमने नोटबंदी का फैसला लिया. उसके बाद कई लोगों के पसीने छूट गए. गरीबों को लूटने वालों को पसीने छूटे. अब छोटे नोट और छोटे लोगों की पूछ है.

पीएम मोदी ने एक बार अपना वादा दोहराया कि 50 दिन के बाद परेशानियां कम होने लगेंगी. मैंने पहले ही कहा था कि 50 दिन तक कठिनाई होगी. कभी कम तो कभी ज्यादा होगी. देश के लिए आपने कष्ट झेला है. 50 दिन बाद कठिनाई नहीं होगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले गैस का कनेक्शन लेने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे. हमने बीड़ा उठाया है कि 3 साल के भीतर गरीब परिवारों को लकड़ी के चूल्हे से मुक्त कर देंगे.

मोदी ने कहा कि पहले दूध में भी यूरिया मिलाया जाता था. यूरिया का उपयोग किसानों के बजाए दूध में होने लगा था. यूरिया की नीम कोटिंग करने के बाद अब उसका कोई और उपयोग नहीं हो सकता सिर्फ किसान के अलावा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार 25 दिसंबर से एक योजना शुरू करेगी. 8 नवंबर तक 25 तारीख तक अगर डिजिटल पेमेंट से कुछ खरीदा है तो इसके लिए लकी ड्रॉ निकलेगा और 15000 लोगों के खाते में 1000 रुपये जमा हो जाएंगे.

यह 100 दिन तक चलेगा. व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को इनाम मिलेगा. 50 रुपये से ज्यादा और 3000 रुपये से कम खर्च करने वाले को ही इसका लाभ मिलेगा.

प्रधानमंत्री ने समाजवादी सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि यूपी ने परिवर्तन का संकल्प ले लिया है. यूपी में गुंडागर्दी से परिवर्तन की आग है.

उन्होंने कहा, यूपी के लोग गुंडागर्दी से तंग आ गए हैं. यूपी में गुंडागर्दी करने वालों को शह दे रही है राज्य सरकार.

पीएम ने कहा, उत्तर प्रदेश में गन्ना किसान परेशान रहते हैं. किसानों को पैसा नहीं मिलता है. पहली बार मिलें पर चालू हुईं और बकाया राशि के भुगतान में सरकार को सफलता मिली है.

पीएम ने बताया कि यूपी के 1500-1600 गांवों में बिजली के खंभे नहीं थे. अब सिर्फ 70-72 गांव ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं है. हमने यूपी के गांवों में बिजली पहुंचाई.

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