चंदे पर टैक्स भले न दें, लेकिन मुश्किल होगा उस पैसे को आगे काला करना

ये मोदी जी सभी राजनैतिक पार्टियों को बर्बाद करके मानेंगे.

मैं और आप इधर इस बीच रो रहे थे कि राजनैतिक पार्टियों के चंदे पर टैक्स नहीं लगता. उन्हें छूट है, हमें नहीं.

जब हम सड़क पर खड़े पछाड़ खा-खा कर रो रहे थे.

तब बाथरूम में, कमरे के अंदर, कम्बल के अंदर मुंह छुपाये नेता लोग भी रो रहे थे.

पार्टी का सारा काला पैसा बैंक में चला गया. नगद नहीं बचा.

ठीक है, इस पर इनकम टैक्स नहीं लगता. कोई पूछताछ नहीं, पैसा कहाँ से आया. पूछेगा तो भी फर्जी मेंबर और फर्जी डोनेशन की लिस्ट बनाई जा सकती है.

लेकिन अब सारा पैसा बैंक में चला गया.

हर राजनैतिक पार्टी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को अपने चंदे, अपनी अकाउंट बुक्स का हिसाब देना होता है, और खर्चो का भी.

कहाँ खर्च किया कितना किया.

नगद काला पैसा तो बुक्स में दिखाया नहीं जाता था. कहीं भी बाँट दिया. शराब खरीदी, बाँट दी, नगद बाँट दिया. कोई एंट्री नहीं.

लेकिन अब सारा पैसा बैंक में. नगद की जरूरत… तो वो भी बैंक से निकलेगा. बैंक के स्टेटमेंट में दिखेगा. इनकम टैक्स पूछेगा, इतना नगद निकाला, क्या किया. क्या बताएँगे.

एक बार कैश पैसा बैंक में पहुंचा तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आगे उसे ट्रेस कर सकता है.

भले राजनैतिक पार्टियां चंदे पर टैक्स न दें, लेकिन उस पैसे को आगे काला करना मुश्किल होगा.

उससे काले खर्च करना मुश्किल होगा. नए नोट के साथ नया काला पैसा चाहिए, जो अब आते-आते आएगा.

इसीलिए सपा, बसपा, कांग्रेस रो रही हैं कि विमुद्रीकरण यूपी चुनाव के मद्देनजर किया गया है.

खैर आप रोइये, पार्टियों को टैक्स नहीं देना पड़ता… मोदी सरकार चोर है… अला बला जो भी बोलना है… बोलिये.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY