क्यों भाई कम्बल चाहिए?? तो ऊन देने का कलेजा भी तो दिखाओ…

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सोशल मीडिया पर नोट बंदी और मोदीजी के विरोध में यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है.

जो लोग इसे वायरल कर रहे हैं उनका कहना है ठण्ड में ठिठुरते फुटपाथ पर सोये गरीब की चिंता हम क्यों करें.हमने अपनी गर्म रजाई बनवाने के लिए जो मेहनत जीवन भर की है उसकी गर्माहट का मज़ा लेने का समय आया है तो ये हमारा हक़ है….

ऐसे परिवार के बच्चे की क्या सोच होगी, यही ना कि देश की रक्षा के लिए जब सेना है तो… हम तो चैन की नींद सोएं…

फिर भले पड़ोसी के घर से भूखे बच्चे के रोने की आवाज़ आती रहे, हमें क्या हम तो रात को मैक डोलल्ड में बर्गर पिज्जा की पार्टी मना कर आए हैं… उसका स्वाद अब तक लपलपाती जीभ पर रखा हुआ है….

किसी के करुण रुदन से ऐसों का दिल नहीं पसीजता…

ऐसे परिवार के बच्चे हमेशा एसी लगी गाड़ी में घूमते हैं और सड़क पर किसी भिखारी को देखकर नाक मुंह सिकोड़ लेते हैं… उफ्फ ये INDIA के लोग पता नहीं कब सुधरेंगे… इतनी गन्दगी … ये देश रहने लायक ही नहीं… कहकर पढ़ लिखकर किसी साफ़ सुथरे देश में जाकर अपना करियर बनाते हैं और अपने दोस्तों के बीच अपने ही देश की बुराई करते नहीं थकते…

ऐसे ही पढ़े लिखे संभ्रांत परिवार के लोग भारत को “माता” कहे जाने पर देशभक्तों को पिछड़ा, हिंदूवादी, साम्प्रदायिक, मनुवादी, दकियानूसी कहते हुए उनकी खिल्ली उड़ाते हैं..

ऐसे ही लोग नेहरू की विलासता की पैरवी करते हैं जिनके कपड़े तक विदेशों से धुलकर आते थे… जो अपनी पसंदीदा सिगरेट मंगवाने के लिए सरकारी विमान एक शहर से दूसरे शहर भेजने में नहीं झिझकते थे…

ऐसे लोग भूल जाते हैं कि इस राष्ट्र और राष्ट्र की चिति (आत्मा) उन जैसे लोगों और उनकी दौलत की वजह से समृद्ध नहीं है बल्कि वो समृद्ध है Acharya Bal Krishna जैसे आचार्यों की वजह से जो देश के सबसे अमीर लोगों की सूची में आते हैं.

लेकिन मात्र एक सफ़ेद कुरता और धोती में अपना पूरा जीवन राष्ट्र की धरोहर आयुर्वेद के लिए समर्पित कर देते हैं…. वरना आपकी कांग्रेस ने तो वैश्विकरण के नाम पर देश को मल्टीनेशनल कंपनीज़ के हाथों बेचने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी…

ये देश यदि समृद्ध है तो Baba Ramdev जैसे योगियों के कारण जिनके प्रयासों के कारण आज भारत योग गुरू बना हुआ है… वरना जिन कांग्रेसियों की आप पैरवी करते हैं उन्होंने तो इस धरोहर को धरती में गाढ़ने का कोई प्रयास नहीं छोड़ा…

ये देश समृद्ध है तो General V.K. Singh जैसे देशभक्तों के कारण जो रिटायर हो जाने के बाद भी आज तक देश सेवा में लगे हुए हैं… वो यह नहीं सोचते कि जीवन भर तो देश की रक्षा करता रहा और अब मेरे चैन से सोने के दिन है…

ये देश समृद्ध है तो माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के कारण जिनको आप दिन रात कोसते नहीं थकते लेकिन उनके पास जानते हैं कौन सा खज़ाना है??

उनके पास हम जैसे करोड़ों लोगों की दुआएं और साथ है, जो आज उनके एक आदेश पर घर बार छोड़कर सड़क पर निकल आएगा…. लेकिन वो जानते हैं कि ऐसा मौक़ा नहीं आएगा क्योंकि हमारा देश इस समर्पण और “भक्ति” के भाव से ही समृद्ध है…

आज भी जब सड़क पर कोई गरीब बच्चा ठण्ड में ठिठुरता हुआ दिखता है तो वो लोग अपनी एसी गाड़ी का कांच नहीं चढ़ा देते, बल्कि Amit Chaturvedi की तरह अपनी गाड़ी से उतर कर उस बच्चे को स्वेटर खरीद कर पहना देते हैं…

कभी Sanjay Sage की तरह अपने दोस्तों के साथ मिलकर उस समय कम्बल बांटने निकलते हैं जब आप जीवनभर की मेहनत का हिसाब लगाकर हज़ारों रूपये के नर्म गद्दे पर सोते हुए, गर्म रजाई में दुबककर फेसबुक पर देश द्रोहियों की पैरवी करते हैं और मोदीजी के खिलाफ ज़हर उगलते हैं…

ये फेसबुक आपके लिए टाइम पास होगा जनाब लेकिन इसी फेसबुक पर Ajit Singh जैसे लोग भी है जो अपने दोस्तों के साथ मिलकर Udayan School जैसी संस्था चलाते हैं जिनकी बदौलत चूहे खाने वाली बस्ती आज मेले में घुमते हुए गोलगप्पे खा रही है…

मेरे देशवासियों… जिन गरीबों की दुहाई देते हुए लोग मोदीजी के खिलाफ ज़हर उगल रहे हैं… उनकी बातों में मत आना उन्होंने अपनी कलम के साथ अपना ज़मीर भी बेच दिया है… और वो मनगढ़त कहानियाँ बनाकर पेश कर रहे हैं…

उनके पास सिर्फ बातें हैं… जो नाम मैंने दिए हैं उनके जैसे जीते जागते उदाहरण लाकर दिखाएं तब मैं पूछूंगी…

क्यों भाई कम्बल चाहिए????… तो ऊन देने का कलेजा भी तो दिखाओ…

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