जीने का आनंद लीजिये राष्ट्रधर्म-राष्ट्रसंस्कृति के महापर्व के बीच

संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विश्व की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में “राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है.

17 दिसंबर से 24 दिसंबर तक बनारस में सजेगा कलाकारों, चित्रकारों, नर्तकों, अभिनेताओं, कवियों, विद्वानों, लोक कलाकारों का अभूतपूर्व ‘संस्कृति महाकुम्भ’!

सुबह-ए-बनारस भी सजेगा, अस्सी घाट में दिन भर मंच सजेगा लोक संस्कृति से एवं शास्त्रीय गायन, वादन, व नृत्य से, बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय परिसर में दिन भर सांस्कृतिक गतिविधियां चलेंगी और स्वतंत्रता भवन एवं पंडित ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में सुनिये देखिये देश के प्रतिष्ठित कलाकारों को.

इस आठ दिवसीय आयोजन में अपनी प्रस्तुति देने वाले मुख्य कलाकारों में से चंद नाम हैं : श्रद्धेया गिरिजा देवी जी, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया जी, पंडित जसराज जी, पंडित राजन साजन मिश्रा जी, डॉ एन राजन जी, अजय चक्रवर्ती जी, पंडित विश्वमोहन भट्ट जी, शेखर सेन जी, नीलाद्रि कुमार, छन्नू लाल मिश्रा जी, सोनल मान सिंह जी, राधा राजा रेड्डी, भजन सपोरी जी, निजामी बंधु, वडाली बंधु, गुंडीचा बंधु, आदरणीया मालिनी अवस्थी जी, कैलाश खेर, मनोज जोशी जी, रतन थियम, वामन केंद्रे जी के अद्भुत नाटक,ऐसे ही अन्य अनेक प्रतिष्ठित कलाकार एवं उदीयमान कलाकार के साथ साथ ही लगभग दो हजार लोक कलाकार एवं अन्य कलावन्त इस महाकुम्भ में अपनी आहुति देंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में सम्मिलित होने 22 दिसंबर को वाराणसी आ रहे हैं.

जो बनारस निवासी नहीं, उनके लिए एक सुन्दर अवसर, मेरी तरह आइये बनारस, बनिए राष्ट्रीय संस्कृति उत्सव का हिस्सा, कुछ दिन तो गुजारिये माँ गंगा की छाँव में.

17 से 24 दिसंबर के बीच जरूर पर्यटन का कार्यक्रम बनाइये बनारस, जीने का आनंद लीजिये राष्ट्रधर्म-राष्ट्रसंस्कृति के संस्कृति के महापर्व के बीच.

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