अम्मा : जो पूजनीय को सम्मान दें वो स्वयं हो जाता है पूजनीय

Tamil Nadu CM, जयललिता के खिलाफ भले ही corruption charges हों, उसकी पार्टी के समर्थक और दूसरे नेता और मंत्री भले ही उसके पैर पकड़कर उससे आशीर्वाद लेते हों, या उसके समर्थन में कोई और उल्टी सीधी हरकत करते हों, लेकिन एक बात के लिए मैं हमेशा इस औरत की तारीफ़ करूंगा.

इसने कभी भी हिंदुत्व का सर नीचा नहीं होने दिया, और वो भी एक ऐसे राज्य, तमिलनाडु में जहाँ पर धूर्त NGO’s, missionaries, etc का जाल किसी mobile network के जाल से भी ज़्यादा फैला हुआ है.

जहाँ पर हिन्दू ब्राह्मणों के खिलाफ समाज में ज़हर फैलाने के लिए विदेश पोषित liberal hypocrites, NGO’s, etc ने राष्ट्र और हिन्दू विरोधी छात्रों का एक गुट, Ambedkar Periyar Group बनाया हो तमाम बड़े बड़े शैक्षिक संस्थाओं में, लोगों और आने वाली नस्लों को गुमराह करने के लिए, उनके दिमाग में राष्ट्र विरोधी और हिन्दू विरोधी वैचारिक ज़हर भरने के लिए, जहाँ पर DMK जैसी धूर्त “missionary agent” party, और उसके धूर्त नेता श्री राम को काल्पनिक बताते हों, राम सेतु को कचरे का ढेर बताते हों, जहाँ पर इसी DMK के मुखिया, करूणानिधि ने अपने शासनकाल में मंदिरों में संध्या आरती तक पर प्रतिबंध लगा दिया था, यह कहते हुए कि यह सब धार्मिक आडम्बर है, आदि.

दक्षिण भारत के ज़्यादातर प्राचीन मंदिरों, जिसमें तमिलनाडु के मंदिर भी शामिल हैं, उनकी बहुत सारी खासियतें हैं – इनकी वास्तुकला आज भी दुनिया भर में वैज्ञानिक और engineering के दृष्टिकोण से अतुलनीय हैं. बहुत सारे मंदिर तो ISRO, DRDO, etc के वैज्ञानिकों के प्रेरणास्थल जैसे हैं.

हम सब जानते हैं कि मंदिरों में सुबह सुबह पूजा पाठ की शुरुआत वेद पाठ से होता है. लेकिन दक्षिण भारत में बहुत से ऐसे मंदिर हैं, जिनके बारे में एक बहुत ही ख़ास और अच्छी बात है – इन मंदिरों में वेदों का सिर्फ पाठ ही नहीं होता है, बल्कि वेदों में निहित वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने और जानने के लिए बाकायदा शोध कार्य (research) भी चलते हैं, जिनको राज्य सरकार से भी funds मिलती है.

ISRO के बहुत सारे वैज्ञानिक भी इन शोध कार्यों में प्रमुखता से हिस्सा लेते हैं. उस missionary agent, करूणानिधि ने इन सब पर अपने शासनकाल में रोक लगा दिया था और अपने इस काम को सही साबित करने के लिए हिन्दू धर्म को बे सिर पैर का, सिर्फ धार्मिक आडंबरों वाला धर्म तक बोला था.

इन सब कार्यों को जयललिता ने राज्य का कमान संभालते ही दुबारा शुरू करवाया था. जहाँ secularism के नाम पर बहुत सारे राज्य हज यात्रा पर subsidy देते हैं, वहीँ जयललिता सरकार ने चार धाम यात्रा के लिए विशेष सुविधाओं के package की शुरुआत की थी, जो अभी भी चल रहा है.

इसीलिए मेरे हिसाब से तो वो जितनी जल्दी स्वस्थ हो जाए, उतना ही अच्छा है.

– Gaurav Banerjee

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