दिल्ली-मुंबई वालों, तुम मेरे गांव की मुसरौटी के मुसहर तो नहीं!

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ATM-Que-Musahars-of-UP

ओए… ये ICICI बैंक के ATM से नोट ही निकल रहे हैं न?

या सोने की गिन्नियां, अशर्फियाँ, स्वर्ण मुद्राएं बरस रही हैं…. जैसी लक्ष्मी जी के फोटो में उनके हाथ से बरसती हैं…..

और दिल्ली-मुंबई में जो ये छोकरे तनख्वाह निकलवाने के लिए ATM के सामने खड़े हैं, जिनसे वो न्यूज़ चैनल की छोकरी पूछ रही है कि लगता है कि कैश के बिना आपका वीक-एंड खराब हो जाएगा….

ये सब मेरे गाँव की मुसरौटी के मुसहर तो हैं नहीं, वहाँ ATM के सामने. सब पढ़े-लिखे, नौकरी पेशा, स्मार्ट फोन धारी लोग हैं.

क्या दिल्ली मुंबई में भी mobile banking नहीं कर पा रहे? card swipe नहीं कर पा रहे?

जब से नोट बंदी हुई उस दिन से ले के आज तक सफ़र में हूँ…. नितांत नए अनजान लोगों के बीच…. अनजान नयी जगहों पर….

दो बार ATM खाली दिखे सो पैसे निकाल लिये वरना तब से mobile banking और Card, paytm से ही काम चल रहा है. कहीं कोई दिक्कत नहीं.

ये कौन लोग है जो ATMs के सामने खड़े हैं तीन-तीन दिन से?

इसका reality check करने की ज़रूरत है, सच्चाई जानने की ज़रुरत है.

किसी चैनल के किसी रिपोर्टर ने आज तक किसी आदमी से नहीं पूछा कि ATM के सामने क्यों खडा है? card swipe और App से क्यों नहीं कर रहा काम?

cashless होने में दिल्ली-मुंबई-पानीपत वालों को क्या दिक्कत है?

गाजीपुर देवरिया के दूर-दराज़ गाँवों में हो तो समझ आता है….

दिल्ली वालों को क्या दिक्कत है भाई?

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