नकारात्मक राजनीति की मिसाल हैं राहुल गांधी : भाजपा

नई दिल्ली. नोटबंदी सहित कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कटु आलोचना करने वाले राहुल गांधी को भारतीय जनता पार्टी ने नकारात्मक राजनीति का उदाहरण कहा है.

भाजपा ने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला करने वाली कांग्रेस और 5000 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के मामले में जमानत पर चल रहे राहुल गांधी देश में नॉन-सीरियस और नकारात्मक राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन गए है.

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हार के अवसाद से ग्रस्त है और राहुल गांधी हर मोर्चे पर लगातार मिल रही असफलताओं से बौखलाहट में आकर सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार करने की घृणित राजनीति में व्यस्त है.

शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपनी छवि में कैद होने का आरोप लगाया है जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने इस देश को कालेधन, भ्रष्टाचार, नीतिगत पंगुता, महंगाई और सामाजिक असुरक्षा के बंधन में कैद कर रखा था.

उन्होंने कहा, हमने तो महंगाई और भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास करके और देश की आम जनता को सामाजिक सुरक्षा कवच देकर देश को कांग्रेस की कैद से मुक्त करने का काम किया है.

भाजपा नेता ने कहा कि जहां तक टीआरपी की बात है तो राहुल गांधी खुद फोटो-खिंचवाने की राजनीति के चैंपियन हैं. राहुल गांधी टीआरपी की जंग में अरविन्द केजरीवाल के साथ लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद दुनियाभर में भारत की टीआरपी में भारी उछाल आया है, जहां हम पहले सॉफ्ट स्टेट के रूप में जाने जाते थे वहीं आज भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में जाना जाता है.

राहुल गांधी को गुरूर और अक्षमता का शिकार बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर राहुल अक्षम नही होते तो संप्रग के शासनकाल में देश में नीतिगत पंगुता की स्थिति नहीं होती.

शर्मा ने कहा, अगर राहुल अक्षम नही होते तो 12 लाख करोड़ रूपये के घपले-घोटाले नहीं हुए होते, दुनिया में भारत की छवि धूमिल नहीं हो रही होती, महंगाई काबू के बाहर नहीं होती, मुद्रास्फीति अपने रिकॉर्ड स्तर पर न होती.

शर्मा ने याद दिलाया कि राहुल गांधी के गुरूर और अहंकार की पराकाष्ठा तो यह थी कि उन्होंने अपने ही सरकार के अध्यादेश को सरेआम फाड़ दिया था और उसे नॉनसेंस करार दिया था.

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