जनधन खातों में काला धन जमा करने वालों की खैर नहीं, आयकर संशोधन बिल पेश

नई दिल्ली. काले धन पर शिकंजा कसनेके लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आज आयकर संशोधन बिल पेश किया.

नोटबंदी के बाद जनधन खातों में हजारों करोड़ रुपए जमा होने की रिपोर्ट्स आई हैं.

माना यह भी जा रहा है कि अधिकांश मामलों में ये रकम अघोषित रकम है जो जनधन खाताधारकों के खातों में जमा करवाई गई हैं.

नोटबंदी के बाद से जनधन खातों में 64,252.15 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. अब सरकार इस पर भारी भरकम टैक्‍स वसूलने के पक्ष में है.

संसद में पेश इस संशोधन बिल से अघोषित कमाई पर 50 फीसदी टैक्स चुकाकर सफेद बनाने का मौका सरकार ने दिया है.

हालांकि बिल में ये भी प्रावधान है कि बैंक में जमा कराने के बाद आपने खुद आयकर विभाग को जानकारी नहीं दी तो 85 फीसदी तक टैक्स व जुर्माना लग सकता है.

जेटली द्वारा पेश किए गए इस संशोधन बिल में सरकार ने अघोषित आय पर टैक्स, सरचार्ज और पेनल्टी लगाने का कड़ा प्रस्ताव दिया है.

यदि यह बिल संसद में पास हो गया तो अघोषित आय के तहत बैंक में धन जमा करवाने वालों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई की जाएगी.

नए प्रावधानों के अनुसार, स्‍वेच्‍छा से कालाधन घोषित करने पर 50 फीसदी जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही, 25 फीसदी रकम चार साल के लिए लॉक इन हो जाएगी.

चार साल के लिए लॉक रकम पर कोई ब्‍याज नहीं दिया जाएगा. बाकी बची 25 फीसदी रकम ही तुरंत निकाल पाएंगे. कुल घोषित कालेधन में से 25 फीसदी रकम चार साल के लिए लॉक हो जाएगी.

यदि कोई व्यक्ति इस योजना में भाग नहीं लेता है और आयकर विभाग को स्वेच्छा से जानकारी नहीं देता है तो बिल के तहत अघोषित आय पर 10 फीसदी पेनल्टी का प्रस्ताव दिया गया है जबकि इस पर 30 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव दिया गया है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण 33 फीसदी सरचार्ज का भी प्रस्ताव रखा गया है. 30 फीसदी टैक्स के ऊपर 10 फीसदी पेनल्टी तो देनी ही होगी, 33 फीसदी का सरचार्ज भी देना होगा.

अगर आयकर विभाग यदि आपकी इस अघोषित आय को खुद पकड़ता है तो 75 फीसदी टैक्स और 10 फीसदी पेनल्टी का प्रावधान है यानी कुल 85 फीसदी टैक्स देना पड़ सकता है.

वैसे इस विधेयक पर चर्चा नहीं हो पाई है और हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्‍थगित कर दी गई है.

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