कितनी दुष्ट सरकार, हमारे महान पूर्वज नेहरू के रास्ते पर नहीं चलती

अमेरिका इराक, अफगानिस्तान पर हमला करता है. फ़्रांस सीरिया पर, इज़राइल विश्व जनमत की चिंता नहीं करता. रूस यूक्रेन पर, चीन तिब्बत पर कब्ज़ा किये बैठा है. हम पूरी तरह से संवैधानिक कानून सम्मत कश्मीर विलय पर शर्माते रहे. पाकिस्तान हमें ही बदनाम करता रहा.

वामपंथी लोग भारत के विश्व गुरु होने की बात का बहुत मजाक उड़ाते हैं. ताने देते रहते हैं. सही भी है.

हम लोगों में हमेशा त्याग की भावना रही, आदर्श बनने की भावना रही. अपना हित भूलकर दुनिया का पड़ोसी का भला करते रहे.

देखिये आज़ादी के बाद पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला किया, हमने उसके आक्रमण को रोक तो लिया. लेकिन मामला सुलझाने की जगह संयुक्त राष्ट्र चले गए.

पाकिस्तान से कभी हमने उसके कब्ज़े वाला कश्मीर नहीं माँगा. पाकिस्तान ने कुछ भाग चीन को दे दिया, हम चुप रहे. त्याग और बलिदान की मूर्ति. सहन करना हमारा स्वभाव था.

फिर हमने बिना मांगे पाकिस्तान से सिंधु जल समझौता कर लिया. पाकिस्तान को तीन नदियों का पानी दे दिया. बिना अपनी चिंता किये.

पूरी दुनिया में आपको ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलेगा जहाँ एक देश ने अपने दुश्मन देश के साथ ऐसा किया हो.

हम बचपन से महान थे. चीन ब्रह्मपुत्र पर बाँध बनाता है, सतलुज का पानी रोक लेता है. हमसे पूछता भी नहीं.

पाकिस्तान ने हमें मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा कभी नहीं दिया. लेकिन हमने अपने पडोसी धर्म का पूरा कर्तव्य निभाया.

एक्चुली हम हमेशा से बदनामी से डरते रहे. लोग क्या कहेंगे. हमने इसी बदनामी के डर से कश्मीर मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण से परहेज रखा. दूसरे देश क्या कहेंगे हमारे बारे में.

अमेरिका इराक, अफगानिस्तान पर हमला करता है. फ़्रांस सीरिया पर, इज़राइल विश्व जनमत की चिंता नहीं करता. रूस यूक्रेन पर, चीन तिब्बत पर कब्ज़ा किये बैठा है.

हम पूरी तरह से संवैधानिक कानून सम्मत कश्मीर विलय पर शर्माते रहे. पाकिस्तान हमें ही बदनाम करता रहा.

हम आदर्श बने रहे. निर्गुट आंदोलन शुरू किया. हम अमेरिका नहीं गए. गरीबों, मजदूरों के देश रूस से हमारे सम्बन्ध रहे. बदमाश लोगों की दोस्ती पसंद नहीं.

पर अब ऐसी सरकार आ गयी है जो बेशर्म है. उसे हमारे आदर्शो का ख्याल नहीं है.

अमेरिका से दोस्ती करती है. सिधु जल समझौते को तोडना चाहती है. कश्मीर को दुनिया के किसी मंच पर उठाने से हिचकती नहीं है.

और अब इसके दुष्ट मंत्री कह रहे हैं कि न्यूक्लियर स्ट्राइक का अधिकार हमारे पास क्यों नहीं है. हम पहले वार क्यों नहीं कर सकते. आखिर आदर्श बहू क्यों बने रहना है.

बताइये कितनी दुष्ट सरकार, हमारे महान पूर्वज नेहरू जी के रास्ते पर नहीं चलती.

मोदी जी अब बस इस्तीफ़ा दीजिये, कांग्रेस बहू को घर की चाबी दीजिये.

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