दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की

कविता- दुनिया की सबसे सुन्दर लड़की

दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की
सुबह चार बजे उठकर
चिड़ियों की आवाज़ नहीं सुनती
खुद चिड़िया बनकर फुदकती है
घर के आँगन में

दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की
चालीस की दहलीज़ पर खड़ी
जब सुनती है
सबसे सुन्दर ‘लड़की’ पुकारा जाना
तो उम्र की चोली को
थोड़ा कस के बाँध लेती है देह पर
ताकि उसकी सलवटें
कम हो जाए

दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की
फिर आईने में नहीं देखती
चेहरे की झुर्रियां
आईने से चुरा लेती है
सबसे पहला अक्स
जब उस लड़के ने कहा था
तुम ख़ूबसूरत ही नहीं खूबसीरत भी हो

दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की
आज भी जब बाइक पर
उस लड़के के पीछे बैठती है
तो गुनगुनाती है वही पुराना गीत

आजकल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए … बोलो ???

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1 COMMENT

  1. अरे वाह ! आप कवयित्री भी हैं ! मैंने पहचान लिया है, ये खूबसूरत और खूबसीरत लड़की कौन है ? हर की ज़िन्दगी में ऐसी लड़की भेंट होती है, परंतु कितने हैं, जिसे वह छू भी नहीं पाते !
    धन्यवाद और सुप्रभात शै……..फा………ली………. मैडम !

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