नोटबंदी : एक उज्जवल भारत बनाने में महानायक का साथ दें

भारतीय रूपये को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज़ का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है.

इस कागज़ को देश में भी तैयार किया जाता है लेकिन पूरी क्षमता से उत्पादन के बाद भी इससे मांग पूरी नहीं की जा सकती.

इस कागज़ तैयार करने वाले संस्थानों में से दो का, साल 2010-11 में, पाकिस्तान के साथ भी अनुबंध हो चुका है, जिसका भारत ने विरोध भी किया था.

इस अनुबंध के कारण नोट छापने के लिए जो कागज़ भारत लेता था, वही कागज़ 2010 से पाकिस्तान भी ले रहा है.

इसके फलस्वरूप पाकिस्तान उस कागज के अधिकतम हिस्से का इस्तेमाल भारतीय रूपए (नकली नोट) छाप कर भारत मे भेजने का काम करने लगा.

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मुताबिक भारत में लगभग 16000 खरब डॉलर मूल्य के रुपए असली है.

वहीं, भारतीय खुफिया विभागों के मुताबिक पाकिस्तान 15000 खरब डॉलर मूल्य का नकली भारतीय रूपया छाप कर भारत में सप्लाई करने के लिए तैयार बैठा हैं.

पाकिस्तान में छपे इन नोटों में 0% त्रुटि थी यानी ये पूरी तरह असली नोट के समान थे, जिसे पहचान पाना असम्भव था.

इसका मतलब यह हुआ कि भारतीय नोटों का लगभग 98% नकली नोट भारतीय बाजार में आने को तैयार थे.

अगर ये नकली नोट बाजार में आ जाते तो अचानक मुद्रास्फीति लगभग दो गुनी बढ़ जाती यानी महंगाई दो गुनी बढ़ जाती.

इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी ने आनन-फानन मे अब जर्मनी से कागज़ लेने का अनुबंध किया.

इस अनुबंध में यह शर्त भी शामिल थी कि ये कागज़ जर्मनी किसी अन्य को नहीं दे सकेगा, ताकि भविष्य में फिर कभी नकली नोट की समस्या भारत में न हो सके.

ये कागज़ पहले वाले से बहुत हल्का और अधिक सुरक्षित हैं, ये पानी, धूप से खराब नहीं होता.

उपरोक्त कारणों से ही आनन-फानन में 500 और 1000 रूपए के नोट को बन्द करना पड़ा. बेशक जनता को 10 दिन से समस्या को झेलना पड़ रहा है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह ज़रूरी था.

इस फैसले के फायदों पर एक नज़र –

1. नकली नोट की समस्या भारत से हमेशा के लिए समाप्त.

2. काला धन भी ना के बराबर हो जाएगा.

3. कालाधन कमाने का रास्ता बंद हो गया.

4. अर्थव्यवस्था में पहले से मौजूद 65% से अधिक कालाधन बेकार हो जाएगा. बचा हुआ लगभग 35% कालाधन नोटों की शक्ल में नहीं है.

5. इस निर्णय से हवाला का धन्धा खत्म हो गया.

6. कैशलेस इकॉनमी को मजबूती मिलेगी.

और भी बहुत प्रकार के फायदे धीरे-धीरे सामने आने वाले हैं. प्रधानमंत्री मोदी के इस साहसपूर्ण क़दम की पूरी दुनिया में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है.

आइए, अपने बच्चों के लिए एक उज्जवल भारत बनाने में महानायक का साथ दें.

(फेसबुक पर वायरल पोस्ट)

Comments

comments

loading...

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY