वे लोग कैसे बर्दाश्त कर लें कि उनके बीच की लड़की कुंवारी रह गई!

राजस्थान के धौलपुर जिले के आसपास एक जनजाति रहती है…. बेड़िया.

ये लोग अपनी बेटियों से वेश्यावृत्ति कराने के लिए कुख्यात हैं.

बेटियों से वेश्यावृत्ति…. सोच के देखिये…. कितना घिनौना लगता है.

पर आपको लगता है घिनौना…. बेड़िया समाज के लिए तो ये आम बात है.

बेड़ियों के घर बेटी पैदा होती है तो ख़ुशी मनाते हैं. बेटियों को बड़े कायदे से खिला पिला के तंदरुस्त रखते हैं.

और फिर जब सयानी हो जाए तो उसके बाप और भाई खुद उसके लिए ग्राहक खोजते फिरते हैं. बेड़िये अपनी बेटियों के कौमार्य मने virginity के दाम वसूलते हैं.

इसे उनके समाज में नथ उतरवाना कहते हैं. नथ उतरवाई के लाखों रूपये वसूले जाते हैं. दो तीन साल तो उसे कुंवारी कह के ही market किया जाता है और मोटे दाम वसूले जाते हैं.

किशोरावस्था में ही उसे वेश्यावृत्ति में उतार दिया जाता है. और फिर 8-10 साल बाद उसकी शादी कर दी जाती है.

शादी के बाद फिर वो पतिव्रता हो जाती है. घर परिवार चलाती है, बच्चे पैदा करती है. आम भारतीय जनमानस के विपरीत उस से ये उम्मीद की जाती है कि वो ज़्यादा से ज़्यादा बेटियाँ पैदा करे….

बेटा हो जाए तो मातम छा जाता है बेड़िया समाज में…. और बेटी हो जाए तो फिर वही कुचक्र…. उस बेटी के सयाने होने का इंतज़ार करने लगता है….

अब ऐसे समाज में, अगर कोई बेटी / लड़की, सचमुच सच्ची-सुच्ची, पाक-साफ़, Virgin निकल जाए…. या वो ये claim करे कि वो virgin है…. तो कैसे व्यवहार करेगा बेड़िया समाज???

सारा समाज टूट पडेगा उसपे…. सब मिल के उसकी virginity को खारिज कर देंगे…. सब के सब उसे भी वेश्या साबित करने पे तुल जायेंगे…. बेड़िया समाज ये कैसे बर्दाश्त कर लेगा कि उनकी बेटी कुँवारी रह जाए???

बेड़िया समाज में कुँवारी लड़की का कौमार्य एक disqualification, एक अयोग्यता बन जाता है….

फिर पूरा समाज उसकी नथ को अपना prestige issue, अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लेता है…. अगर इसकी नथ न उतरी तो बेड़िया समाज का तो अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा.

आपको ऐसा नहीं लगता कि आज भारतीय राजनीति भी बेड़िया समाज सरीखी हो गयी है???

आपको नहीं लगता कि हमारे नेता भी दस-बीस साल तक नथ उतरवा के आज पतिव्रता बने बैठे हैं?

और नेताओं के इस बेड़िया समाज में एक ऐसा आ गया जो कहता है कि मैं ईमानदार, बोले तो virgin हूँ….

ऐसे में बेड़िये ये कैसे बर्दाश्त कर लें कि उनके बीच का एक नेता virgin रह जाए?

ऐसे में सब मिल के उसे रंडी घोषित करने पे उतारू हैं.

मोदी जी ने बड़े नोट बंद करने का फैसला ले के काले धन पे सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है.

बेड़िया नेता बर्बाद हो गए. उनके तहखानों में रखीं हज़ार के नोटों की गड्डियां रातों रात रद्दी में तब्दील हो गयीं.

अब बेड़िये नेता ये कहते फिर रहे हैं कि मोदी भी Virgin नहीं बल्कि महाभ्रष्ट है.

मोदी ने अपनी भाजपा और अपने दोस्तों को पहले ही खबर लीक कर दी थी.

बेड़िये ये सहन नहीं कर पा रहे कि उनके समाज की लड़की virgin कैसे छूट गयी.

मोदी का कौमार्य बेड़िया समाज के अस्तित्व के लिए ख़तरा बन गया है.

अब या तो मोदी रहेंगे या ये बेड़िये.

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