गौ सेवा को समर्पित आज का युवा

Rashtriya Gau Seva Sangh
Rashtriya Gau Seva Sangh

गायों की दयनीय दशा सुधारने के लिए अब केवल कुछ गिने-चुने लोग ही नहीं राजनेता पुत्र भी रूचि दिखाने लगे हैं. बीते एक वर्ष में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के सुपुत्र कुंवर प्रबल प्रताप सिंह के साथ आठ लाख युवाओं ने गौओं की स्थिति सुधारने का वीणा उठाया है.

राष्ट्रीय गौ सेवा संघ एक वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था. इसकी स्थापना के पीछे एक समाज सेवी की सोच छुपी है. गौ हत्या, उनकी दुर्दशा और उसके पीछे राजनीति से आहत इस समाज सेवी ने प्रण लिया कि वह एक दिन गौ सेवकों के इतने हाथ पैदा कर देगा कि गौ संरक्षण के लिए सरकार की जरूरत ही महसूस न हो.

इस सपने को साकार करने के लिए सोशल मीडिया भी बहुत काम आ रहा है. व्हाटसेप ग्रुप बनाकर गौ सेवा के लिए युवाओं का आह्वान किया गया, इन्टरनेट के माध्यम से अपील की गई. देखते ही देखते इस संगठन के सक्रिय सदस्य आठ लाख तक पहुंच गए.

महिलाएं भी बढ़-चढ़ कर इसका हिस्सा बन रहीं हैं. दिल्ली की श्रीमती समता जैन, इंदौर की नेहा सोलंकी, भोपाल की श्रीमती साधना जैन ने अधिक से अधिक महिलाओं को गौ सेवा के लिए प्रेरित करने और जोड़ने का अभियान अपने हाथ में लिया है.

बड़ी बात तो यह है कि ये युवा गौ संरक्षण की बात धार्मिक आधार पर नहीं कर रहे बल्कि इसे विज्ञान से जोड़कर भी इसके महत्व की बात कर रहे हैं. गाय के द्वारा प्राप्त तत्वों की उपयोगता का महत्व वैज्ञानिक भी मान चुके हैं. यही कारण रहा होगा कि हिंदू धर्म में गाय का सम्बंध पोषित करने वाली माता के रूप में स्वीकार किया गया.

बीमार गाय, दुर्घटना में घायल गाय को देखते ही फोन घुमाएं, आधे घण्टे में पहुंच जाते हैं गौ सेवक.

जाति- धर्म की पेंचीदगी को छोड़ गौओं को बचाने आए सभी धर्मो के युवक

यह बड़ा मुश्किल अभियान था, पर जुझारू युवाओं ने लाख अपनी तरफ उंगलिया उठने के बाद भी पीछे पलट कर नहीं देखा. युवा चेन में न केवल आम युवा बल्कि पत्रकार, लेखक, समाज सेवक, चिकित्सक, संन्यासी और राजनीति के जाने माने चेहरे जुड़े हैं.

यही नहीं धर्मों की दीवारों को तोड़कर मुसलमान, सिख और ईसाई भी गौओं को बचाने आगे आए हैं.

प्रबल प्रताप सिंह, राकेश मानसिंहका और दिलीप गुप्ता की तिकड़ी ने ऐसे समर्पित युवाओं को चुना जो बिना किसी शर्तों पर गौ सेवा के लिए तत्पर थे. पूरे देश के हर जिले में, ब्लॉक में और गांव-गांव स्तर पर राष्ट्रीय गौ सेवा संघ के समर्पित गौ सेवक जुड़े हुए हैं.

यदि आपको फेसबुक और ट्वीटर जैसे सोशल ग्रुप पर मोबाईल नं. 9314141141 मिस कॉल करने के लिए अपील आए तो यह गौ सेवा संघ द्वारा चलाया जा रहा अभियान है जिसके द्वारा यह यह संघ यह दावा कर रहा है कि संख्या एक करोड़ पहुंचने पर गौ को भारत की राष्ट्र माता घोषित करवाने में मदद मिलेगी.

हालांकि इस दावे के पीछे संघ के क्या पेच हैं यह तो खुलासा नहीं हुआ पर एक नेक इरादा जरूर नजर आता है.

हाल ही में सागर और बदनावर जिले में एक बड़े स्तर पर कार्यक्रम किया गया जिसमें पांच हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया. यह सम्मेलन गौ संरक्षण के लिए लोगों को जागृत करने और सरकार में गाय को गौ माता का दर्जा दिलाने के लिए किया गया.

बहुत ही कम उम्र के केन्द्रीय मंत्री के सुपुत्र कुंवर प्रबल प्रताप सिंह लोगों का आकर्षण का केन्द्र थे. इस युवा गौ सेवक के स्वागत के लिए लोगों के हाथों में फूलों की माला और आरती की थाली थी.

बिना किसी सुरक्षा तामझाम के चलने वाले राजनेता पुत्र की आंखों में समाज सेवा का लक्ष्य साफ दिखाई देता है. यह चेहरा भविष्य की राजनीति का सशक्त विकल्प हो सकता है.

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