किसी भी एटीएम से पैसे निकालें, 30 दिसंबर तक नहीं लगेगा कोई शुल्क, 2000 के नोट भी निकलेंगे

नई दिल्ली/ मुंबई. रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि बचत खाता ग्राहकों के लिए 30 दिसंबर तक एटीएम से लेनदेन के लिए सभी एटीएम शुल्क समाप्त कर दें.

यह छूट ग्राहक को न केवल अपने बैंक बल्कि अन्य बैंकों के एटीएम से लेनदेन पर भी मिलेगी.

केंद्रीय बैंक ने शाम को जारी अधिसूचना में कहा, ‘बचत बैंक खाताधारकों को एटीएम से सभी वित्तीय और गैर वित्तीय लेनदेन पर 30 दिसंबर तक कोई शुल्क नहीं देना होगा.’

अधिसूचना में कहा गया है कि ‘यह सुविधा खाताधारक को न केवल अपने बैंक के एटीएम, बल्कि अन्य बैंकों के एटीएम पर भी मिलेगी.’

10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक एटीएम से लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. देशभर में विभिन्न बैंकों के करीब दो लाख एटीएम हैं.

वहीं, वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि व्यवस्था में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है और देशभर में लोगों तक नकदी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सभी माध्यमों को सक्रिय किया जा रहा है.

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नए नोटों के हिसाब से बदले गए एटीएम ने पहले ही काम करना शुरू कर दिया है. मंगलवार से वह 2,000 रुपये के नए नोट भी जारी करने लगेंगे.

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि एटीएम से एक दिन में अधिकतम 2,500 रुपये की ही निकासी हो सकेगी.

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रतिनिधियों की नकदी रखने की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है. जरूरत के हिसाब से यह सीमा मामला दर मामला बढ़ायी भी जा सकती है.

दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए देशभर में करीब 1.2 लाख बैंक प्रतिनिधि बनाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रतिनिधियों को कई बार नकदी उपलब्ध कराने का भी निर्णय किया गया है ताकि ग्रामीण जनता को परेशानी ना हो.

इसके अलावा 1.3 लाख डाकघरों के लिए नोटों की आपूर्ति बढ़ायी जाएगी ताकि आम लोग पुराने नोटों को नए नोट से बदल सकें.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार ये ढाई लाख आपूर्ति केंद्र लोगों को बड़ी मात्रा में नकदी बांटने में समर्थ होंगे. इन केद्रों में से अधिकतर ग्रामीण अंचलों में हैं.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा बड़ी संख्या में छोटे एटीएम भी लगाए गए हैं ताकि लोग डेबिट कार्डों के माध्यम से नकदी प्राप्त कर सकें.

उनकी समस्या को देखते हुए रिजर्व बैंक ने रविवार से 500 रुपये के नए नोट भी जारी कर दिए हैं.

दास ने कहा कि छोटे व्यापारियों की मदद के लिए सरकार ने उनके लिए एक हफ्ते में नकदी निकासी सीमा को 50,000 रुपये करने का निर्णय किया है.

उन्होंने कहा, ‘कारोबारी निकाय जिनके पास पिछले तीन महीने से ज्यादा वक्त से चालू खाता है, उनके लिए नकदी उपलब्धता पर विचार करते हुए उनकी साप्ताहिक नकदी निकासी सीमा को बढ़ाकर 50,000 रुपये करने का निर्णय किया गया है.’

उन्होंने बताया कि जहां तक सभी सरकारी विभागों और केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों की बात है तो उन्हें अपने सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करने को कहा गया है. साथ ही निर्देश दिया है कि वे नकदी की निकासी तभी करें जब उसे टाला ना सके.

इसके अलावा कार्ड से भुगतान को सस्ता बनाने के बारे में दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम को अपने विभिन्न लेन-देन शुल्कों से छूट देने को कहा है. इसी प्रकार बैंकों से उनके डेबिट और क्रेडिट काडरें से शुल्क हटाने के लिए भी कहा गया है.

दास ने यह भी बताया कि सरकार ने कल 500 और 1,000 के चलन से बाहर किए गए नोटों से सरकारी सुविधाओं के बिलों के भुगतान, ईंधन, कर एवं शुल्क और सहकारी बिक्री केंद्रों से खरीद का समय बढ़ाकर 24 नवंबर तक कर दिया है. इससे पहले यह सीमा 14 नवंबर की मध्यरात्रि तक थी.

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