जिसे मैं जानता था ये वो देश तो नहीं

Narendra Modi
file photo : Prime Minister Narendra Modi in Xi'an, a city in northwest China

कोई बहुत पुरानी बात नहीं. कंधार विमान अपहरण याद करिये.

दिल्ली में कैसे घिनौने प्रदर्शन हुए थे उन आतंकियों को छोड़ने के लिए.

अटल जी के आँखों में आंसू आ गए थे इन मतलबपरस्त लोगों को देखकर.

अभी दो साल पहले ही एक प्रदेश की स्वार्थी जनता भी देखी थी हमने, जो 700 लीटर पानी में बिक गयी थी.

दक्षिण में टीवी, फ्रिज और मोबाइल फोन पर सालों से जनता बिकती आ रही थी.

पर पिछले दो सालों में ऐसा क्या हुआ, ऐसा क्या चारित्रिक बदलाव आया जनमानस में की आज इतना निर्मम फैसला लेने के बाद भी एक आदमी की ज़ुबान पर भी शिकायत नहीं?

लगभग 10 में से 9 तारीफ ही कर रहा है, कोई मन में गाली दे रहा हो पर उसकी हैसियत नहीं कि चार लोगों के बीच मोदी के इस फैसले का विरोध कर सके?

खूंखार से खूंखार निराशावादी भी मंद-मंद मुस्कुराते चुप्पी साधे हैं. कोई यूनियन वाला हड़ताल की धमकी नहीं दे रहा. बैंक वाले एक्स्ट्रा काम करने में ना नुकुर नहीं कर रहे?

कल ही पढ़ रहा था कि बर्मा में भी जब ऐसा ही फैसला लिया गया था जो आंतरिक अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया था, हिंसक प्रदर्शन होने लगे थे.

शायद इसीलिये प्रधानमंत्री ने फैसला सार्वजानिक करने से पूर्व तीनों सेनाओं के सेनापति को इससे अवगत करा दिया था!!

क्या आपको आश्चर्य नहीं हो रहा कि 130 करोड़ के इस देश में जहाँ घाट-घाट पर सोचने समझने का नजरिया बदल जाता हो, एक अदना सा भी कोई विरोध का स्वर नहीं फूटा?

ये अतिशयोक्ति नहीं होगी अगर मैं कहूँ कि विश्व इतिहास में उंगली पर गिन लें, उतने ही उदाहरण होंगे, जब प्रजा ने अपने राजा पर ऐसा विश्वास प्रदर्शित किया हो!!

कोई कुछ भी कहे… चाहे इसे देशभक्ति या राष्ट्रवाद का ज्वार कहा जाए… या मोदी जी का जादू…..

पर भारत की जनता ने आज ये सिद्ध कर दिया है कि उन्हें अच्छा नेतृत्व मिले तो वे क्या से क्या कर सकते हैं….

कि वे 65 साल की निराशा और पिछड़ेपन के मनोवैज्ञानिक दबाव से हटकर आगे बढना चाहते हैं….

कि वे दुनिया की सर्वोच्च कौमों में से एक होने की क्षमता और योग्यता दोनों रखते हैं….

कि वे दुनिया में नंबर एक बनने के लिए इच्छुक ही नहीं बल्कि तबियत के भूखे भी हैं….

हाँ दोस्तों… वे कर के दिखाएंगे… हाँ, हम करके दिखाएंगे… मोदी के नेतृत्व में….

हमारा लोहा दुनिया मानेगी, अगले बीस साल में किसी भारतीय को किसी गोरे के सामने वीसा की भीख नहीं मांगनी पड़ेगी….

और भगवान ना करे कि कोई और कंधार हो, पर हुआ तो उस विमान में बैठे हर भारतीय का परिवार देश के लिए कुर्बानी देने के लिए भी तैयार होगा….

ऐसा भारत मैं अपनी आँखों के सामने बनते हुए देख रहा हूँ, सच में विश्वास नहीं हो रहा!! खैर जो भी हो रहा है, अच्छा हो रहा है!! जय हिन्द!!

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