#GenerallySaying : काली कमाई वालों को बचा लेता इस कदम का प्रचार

कई “बुद्धिजीवी आलोचक” पूछ रहे हैं कि इतनी अचानक इतना बड़ा निर्णय कैसे ले लिया? यह भी कह रहे हैं कि आम आदमी को इस निर्णय से कष्ट होगा.

क्या आपको पता है कि 70 के दशक में बड़े नोटों के विमुद्रीकरण का प्रयास हुआ था?

हालाँकि, इस पहल की विफलता का श्रेय उसके पूर्व प्रचार को जाता है, जिसके कारण काले धन वालों को अवसर मिला इससे बचने का.

इस सरकार का यह कदम आश्चर्यजनक है, और यही इसके कारगर होने का कारण बनेगा.

आपको विस्मय होगा यह जान कर कि कुल आबादी के कितने कम अनुपात में वह लोग हैं जो काले धन का गोरखधंधा चला रहे हैं.

यही सूक्ष्म अनुपात काला धन सन्चित करता है, जिसके कारण पूरी आबादी एक सर्वव्यापी समस्या झेल रही है.

देश के इन्हीं अपराधियों को लक्ष्य बनाया जा रहा है, और सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आम जनता को हो रही असुविधा न्यूनतम एवं अल्पकालिक हो.

जनता ने बता दिया है कि वह देश में काले धन के सर्वनाश के लिए सरकार के साथ खड़ी है.

गर्व है. जय हिन्द!

विदेश राज्य मंत्री जनरल (रि.) वी के सिंह की फेसबुक पोस्ट

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