त्रिशूल उठाकर चलिये महादेव! यह नंदी बैल नहीं बनेगा!

सांड को बैल क्यूँ बनाया जाता है? गाय को जो बछड़ा होता है वो आगे चलकर सांड (Bull) बनता है.

सांड को अपनी शक्ति का अंदाजा होता है. वैसे तो आमतौर पर सांड शांत होता है लेकिन चिढ़ने पर भयंकर हो जाता है.

सांड आसानी से वश में भी नहीं होता और शायद ही हल या गाड़ी को जोता जाता है. उसे काटना भी आसान नहीं, हिंसक प्रतिकार करता है.

लेकिन उसको बधियाकर बैल (bullock, Ox) बनाया जाता है तो वो नपुंसक हो जाता है. ताकत तो रहती है लेकिन आसानी से वश में आता है, हल गाड़ी, माल ढोने, कोल्हू से तेल निकालने – कई काम आता है. कोल्हू का बैल सुना होगा आप ने, कोल्हू का सांड सुना है कभी?

एक समाज को सांड से बैल बनाने का सब से सही तरीका है उसको बदनाम करते रहो. उस की सहनशीलता के मापदंड आप बनाओ और अपनी मर्जी के अनुसार बदलते रहो. बदनामी की इतनी मार मारो कि आप को देखते ही वो गर्दन झुकाकर जुवा स्वीकार करे.

सांड को बैल वही बनाते हैं जो उसकी मेहनत की खुद खाते हैं. और अंत में उसे भी काटकर BEEF PARTY करते हैं.

त्रिशूल उठाकर चलिये महादेव! यह नंदी बैल नहीं बनेगा!

  • आनंद राजाध्यक्ष

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