मिलिए Mr Encyclopedia से : प्रो. सदानंद पॉल

आज हम आपको एक ऐसी हस्ती से परिचित करवाने जा रहे हैं, जिन्होंने एक ही जन्म में इतनी उपलब्धियां प्राप्त की है जिसके लिए एक आम इंसान को न जाने कितने जीवन लेना पड़े…

सदानंद पॉल : उपलब्धियों के विविध-आयाम

सदानंद पॉल (SADANAND PAUL)  शिक्षाविद् , साहित्यकार, पत्रकार, गणितज्ञ, नृविज्ञानी, भूकंपविशेषज्ञ, RTI मैसेंजर, ऐतिहासिक वस्तुओं के संग्रहकर्ता हैं. स्वतंत्रतासेनानी, पिछड़ा वर्ग, मूर्तिकार, माटी कलाकार परिवार में 5 मार्च 1975 को कटिहार, बिहार में जन्म हुआ.

पटना विश्वविद्यालय में विधि अध्ययन, इग्नू दिल्ली से शिक्षास्नातक और  स्नातकोत्तर, जैमिनी अकादेमी पानीपत से पत्रकारिता आचार्य , यूजीसी नेट हिंदी में ऑल इंडिया रैंकधारक, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से रिसर्च फेलो.

11 वर्ष में महर्षि मेंहीं रचित सत्संग योग की समीक्षा पर नेपाल के प्रधानमन्त्री कुलाधिपति श्री एनपी रिजाल से आनरेरी डॉक्टरेट कार्ड प्राप्त, पटना विश्वविद्यालय पीइटीसी में हिंदी अध्यापन 2005-07 और 2007 से अन्यत्र  व्याख्याता, 125 मूल्यवान प्रमाणपत्रधारक, तीन महादेशों की परीक्षा समेत IAS से क्लर्क तक 450 से अधिक सरकारी,अकादमिक,अन्य परीक्षाओं में सफलता प्राप्त.

23 वर्ष की आयु में BBC लंदन हेतु अल्पावधि कार्य , दैनिक आज में 14 वर्ष की अल्पायु में संवाददाता, 16 वर्ष में गिनीज बुक रिकार्ड्स समीक्षित पत्रिका भूचाल और 18 वर्ष में साप्ताहिक आमख्याल हेतु लिम्का बुक रिकार्ड्स अनुसार भारत के दूसरे सबसे युवा संपादक, विज्ञान-प्रगति हेतु प्रूफएडिटिंग, बिहार सरकार की ज़िलास्मारिका कटिहार विहंगम-2014  के शब्दसंयोजक, अर्यसन्देश 2015-16 के ग्रुपएडिटर.

दस राज्यों के पत्र पत्रिकाओं और आकाशवाणी पटना हेतु कार्य. मा. राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, खिलाड़ी, सिनेमा महानायक, साहित्यकार, आज़ाद हिन्द फ़ौज़ सहित 1942 क्रान्ति के सेनानियों इत्यादि हज़ारों व्यक्तियों से साक्षात्कार पत्रवार्ताएं.

दर्जनों शोधालेख, 250 विविध रचनाएँ देश विदेश के पत्रिकाओं संस्थानों में से प्रकाशित प्रसारित तथा लोकपर्व छठ पर पहला आलेख बिहार से बाहर के अखबार में पहलीबार प्रकाशित, स्वयंखोजी 70 लोकगाथाएं  नालंदा खुला विश्वविद्यालय में पंजीकृत हुआ.

चाइना रेडियो से चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलनार्थ लिखा Pearl writing विभूषित आलेख प्रसारित , शब्द श्री को 2 करोड़ 5 लाख 912 तरीक़े से लिखा, जिनके आधारित हिंदी का पहला ध्वनि व्याकरण लिखा,जिनपर चीन के शंघाई विश्वविद्यालय ने पहली प्रतिक्रिया दी, भारत सरकार ने पहलीबार स्पेसफिक्शन लव इन डार्विन का कॉपीराइट रजिस्टर्ड किया, फिल्मांतरण भी.

भारत के दूसरा विक्रमादित्य अटल बिहारी वाजपेयी,  पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, दलित साहित्य का समाजशास्त्र, ऐवरेस्ट पर सर्वप्रथम पहुँचनेवाला भारतीय था इत्यादि प्रकाशितालेख हैं.

ग्यारह वर्ष की अल्पायु में 100 स्वयंखोजी सूत्रों का गणित डायरी प्रकाशित, एक सवाल का 1600 तरीके से हल लिए गणित डायरी द्वितीय संस्करण 1998 में छपा, जिसे पटना, भागलपुर और केरल विश्वविद्यालय ने सराहे , CSIR की संस्थान ने आलेख कंप्यूटर की Y2K समस्या का समाधान के प्रकाशन पर पत्र लिखा.

30 विश्वविद्यालयों , 10  IIT IISc TIFR , 5 जर्नल्स में विचारार्थ Formula of Next PRIME NUMBERs Know शोध  Abel Prize समिति को प्राप्त , कापरेकर नियतांक गलत साबित और संख्या 2178 की खोज पर अमेरिकन मैथेमेटिकल सोसाइटी से पत्र प्राप्त , हिंदी में प्रथम गणित कहानी के लेखक , शोधपत्र  भूकंप की भविष्यवाणी और Pi का समानांतर मान को तृतीय अ.भा. विज्ञान सम्मलेन, नई दिल्ली 2004 में प्रस्तुत. वैश्विक गणित में भारतीय गणितज्ञों की स्थिति,कुछ सोचनीय गणितीय उलझनें इत्यादि प्रकाशितालेख हैं.

सूचनाधिकार RTI अधिनियमान्तर्गत देशभर और सभी राज्यों के प्रायः विभागों को 14000  सूचनावेदन भेजकर हज़ारों सूचनाएं एकत्र किया, जिनमें एक्सप्रेसट्रेन आरक्षित बोगी से कष्टदायक साइड मिडिल बर्थ  हटाया, रेलयात्रियों को चलती ट्रेन में टिकट की प्रथम अवधारणा,  BPSC ने परीक्षार्थियों को करोड़ो रुपए के डाकटिकटों को वापस किया, बिहार में प्रिंटेड रजिष्ट्रर से लाखों शिक्षकों की फ्रेश नियुक्ति, UGC ने NET परीक्षार्थियों के रैंकिंग दिए  इत्यादि. केंद्रीय सूचना आयोग, सभी राज्य सूचना आयोगों में case जीतनेवाले भारत के एकमात्र अपीलकर्ता.

सूचनाधिकार RTI अधिनियमान्तर्गत देशभर और सभी राज्यों के प्रायः विभागों को 14000  सूचनावेदन भेजकर हज़ारों सूचनाएं एकत्र किया, जिनमें एक्सप्रेसट्रेन आरक्षित बोगी से कष्टदायक साइड मिडिल बर्थ  हटाया, रेलयात्रियों को चलती ट्रेन में टिकट की प्रथम अवधारणा,  BPSC ने परीक्षार्थियों को करोड़ो रुपए के डाकटिकटों को वापस किया, बिहार में प्रिंटेड रजिष्ट्रर से लाखों शिक्षकों की फ्रेश नियुक्ति, UGC ने NET परीक्षार्थियों के रैंकिंग दिए  इत्यादि. केंद्रीय सूचना आयोग, सभी राज्य सूचना आयोगों में case जीतनेवाले भारत के एकमात्र अपीलकर्ता.

12000 RTI आवेदन भेजने में अपना 3.5 लाख रुपये तब खर्च किये, जब औसत वार्षिक आय 1 लाख रु. भी नहीं था. अविवाहित रहकर, कई भौतिक सुखों को त्यागकर और कई लाख रुपये खर्चकर अप्राप्य दस्तावेजों, पत्रिकाओं, पुस्तकों, कई सदी के सिक्के, डाकटिकट, रेलसामग्री इत्यादि इकट्ठेकर संग्रहालय बनाया.

तमिलनाडु, बिहार सही अन्य राज्यों में आये बाढ़ हेतु आपदा राहत प्रेषित. भूकंप पर शोध लिए नये सिद्धांत विकसित किये. 1 लाख से अधिक आवेदन, Drafts के लेखक. प्रतिदिन शिक्षकों, कर्मचारियों, प्रतियोगियों के समस्याओं के निदानार्थ बौद्धिक सहायता. फोर्ड फाउंडेशन फेलोशिप के फाइनलिस्ट, किन्तु भारतीय संस्कृति की गरिमा का ख्यालकर तत्काल छोड़ा.

प्रधानमन्त्री श्री चंद्रशेखर से प्रशंसित कविता को राष्ट्रीय कविता अवार्ड 1994-95, जिसे मा.राष्ट्रपति डॉ. एसडी शर्मा ने भी सराहे. महर्षि मेंहीं रचित – सत्संग योग- चतुर्थ भाग  की 11 वर्षायु में समीक्षा लिखने पर नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री कुलाधिपति श्री एनपी  रिज़ाल से आनरेरी डॉक्टरेट कार्ड मिला.

मा.प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से मन की बात लिए वैचारिकी आदान. दिल्ली और बिहार के माननीय मुख्यमंत्री से RTI उपलब्धियाँ हेतु सम्मानित. दैनिक हिन्दुस्तान से  बिहार शताब्दी नायक, दैनिक जागरण से  RTI के ध्वजवाहक, अम्बेडकर इन इंडिया पत्रिका का अतिप्रतिभाशाली भारतीय दलित बैकवर्ड लेखक का ख़िताब, प्रतियोगिता दर्पण से सर्वश्रेष्ठ  निबंधकार द्वितीयपुरस्कृत. हिंदी में गणित का पहला अन्वेषक  खिताब विज्ञानलेखक श्री गुणाकर मुळे ने दिया.

वहीं 2008 से Google search person , तो  All India Radio कार्यक्रम Public Speak में लगातार 25 सप्ताह भागीदारी. संस्कृति मंत्रालय, भारतीय साहित्य कला अकादेमी, भारतीय दलित साहित्य अकादेमी, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, राजभाषा विभाग इत्यादि से सम्मानित. विज्ञानपत्रिका Nature को प्रकाशनार्थालेख. रेमन मैगसायसाय अवार्ड में नामांकन मिला. पद्मश्री-2012 से लगातार नामांकन.

सदानंद पॉल के हिंदी में प्रकाशित प्रसारित प्रमुख रचना:-

1. महर्षि मेंहीं कृत् सत्संग योग चतुर्थ भाग की समीक्षा- 1986 में नेपाल के तत्कालीन कुलाधिपति से प्रशंसित,

2. देहात में बालकवि गोष्ठी से मुग्ध हुए श्रोता- 1989 में दैनिक आज में,

3. तुम पक्के हिन्दुस्तानी और अन्य कविताएँ- 1989 से भागीरथी में,

4. हिंदी फ़िल्म की गीत समीक्षा-1992 में आकाशवाणी भागलपुर से,

5. महिलाओं की भागीदारी- 1994 में चाइना रेडियो इंटरनेशनल से,

6. पाकिस्तान या पापिस्तान- 1995 में साप्ताहिक आमख्याल में,

7. भारत के दूसरा विक्रमादित्य अटल बिहारी वाजपेयी- 1996 में साप्ताहिक आमख्याल में,

8. समतामूलक समाज में अंतरजातीय अंतरधार्मिक विवाह का महत्व- 2000 में इटीवी बिहार से,

9. दो करोड़ पाँच लाख नौ सौ बारह तरीके से शब्द श्री लेखन- 2001 में दैनिक हिन्दुस्तान पटना में,

10. दलित जातियाँ सवर्ण जातियाँ- 2002 में मासिक हंस में,

11. जीवन अनलिमिटेड एक समीक्षा- 2003 में बी बी सी लंदन से,

12. हिंदुइज़्म और कुरआन की रब्ब उल आलमीन- 2003 में मासिक अहवाले मिशन में,

13. एवेरेस्ट पर सर्वप्रथम पहुँचनेवाला एक भारतीय था- 2003 में मासिक कादम्बिनी में,

14. ईश्वर, धर्म और ब्राह्मण एक आख्यान- 2004 में मासिक आंबेडकर इन इंडिया में,

15. मेहतरानी बहन और चमारिन प्रेमिका- 2004 में मासिक हंस में,

16. दलित समाजशास्त्र का सौंदर्य- 2004 में आकाशवाणी पटना से,

17. सर्वाधिक डिग्रीधारी श्रीकांत जिचकर- 2004 में झिलमिल जुगनू में,

18. दलित साहित्य का समाजशास्त्र- 2005 में वार्षिकी आंबेडकर चिंतन में,

19. समकालीन हिंदी कहानी का ग्रामीण यथार्थ- 2005 में आकाशवाणी पटना से.

20. पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन इत्यादि.

सदानंद पॉल के प्रकाशित प्रसारित गणित-विज्ञान आलेख:-

1. सदानंद पॉल की गणित डायरी- 1998 में द्वितीय संस्करण,

2. विज्ञानलेखक के गलत आंकड़े- 2000 में मासिक आजकल में,

3. एक गणितीय प्रश्न का मूलरूप से सोलह सौ तरीके से हल- 2002 में नोटरी कटिहार से एफिडेविट,

4. कुछ सोचनीय गणितीय उलझने- 2002 में विज्ञान प्रगति में,

5. गणित के कुछ नये पुराने नियम- 2003 में ज्ञान विज्ञान में,

6. गुणा के बारे में बताइये न भैया- 2003 में मासिक झिलमिल जुगनू में,

7. पाई के समानांतर मान और भूकंप की भविष्यवाणी- 2004 में अ भा विज्ञान सम्मलेन, NPL सभागार नई दिल्ली में प्रस्तुति,

8. वैश्विक गणित में भारतीय गणितज्ञों की स्थिति- 2004 में विज्ञान प्रगति में,

9. सम विषम और अभाज्य संख्याओं पर एक नज़र- 2004 में ज्ञान विज्ञान में,

10. भूकंप की क्षमता और उनके आने की पूर्व घोषणा- 2005 में NRDC नई दिल्ली को पेटेंट के लिए आवेदन,

11. एक से एक लाख तक की संख्याओं के वर्गमूल निकालने की मौखिक विधि- 2005 में झिलमिल जुगनू में,

12. कोपरेकर नियतांक को गलत साबितकर यूनिक नंबर 2178 की खोज- 2008 में अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी से प्रशंसित,

13.आगामी अभाज्य संख्याऐं जानने के सूत्र- 2015-16 में Nature विज्ञान पत्रिका और Abel Prize के लिए प्रेषित. इत्यादि.

पुनश्च, सदानंद पॉल के बारे में अन्य जानकारी:-

1. भारत के दूसरे सबसे युवा संपादक- Limca book of Records के पत्र,

2. महामहिम राष्ट्रपति प्रशंसित राष्ट्रीय कविता अवार्ड- 1994-95,

3. 1996 में भूचाल हेतु गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकार्ड्स के समीक्षापत्र प्राप्त,

4. 14000 से ऊपर RTI आवेदन, RTI क्षेत्र में माननीय मुख्यमंत्री द्वय से सम्मानित,

5. दैनिक हिन्दुस्तान से बिहार शताब्दी नायक सम्मान,

6. दैनिक जागरण से RTI के ध्वजवाहक,

7. आंबेडकर इन इंडिया से अतिप्रतिभाशाली भारतीय दलित बैकवर्ड लेखक का खिताब,

8.प्रतियोगिता दर्पण से द्वितीय पुरस्कृत सर्वश्रेष्ठ निबंधकार,

9.हिंदी भाषा में गणित का पहला अन्वेषक,

10. All India Radio के कार्यक्रम Public speak में लगातार 25 सप्ताह भागीदारी,

11. संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, भारतीय दलित साहित्य अकादेमी, भारतीय साहित्य कला अकादेमी, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् , राजभाषा विभाग बिहार सरकार से सम्मान प्राप्त. इत्यादि.

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