Quasars : सबसे घने अंधेरों से ही उत्पन्न होता है जीवन का सबसे महान प्रकाश

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5 फरवरी 1963

डच एस्ट्रोनॉमर मार्टिन श्मिट (Maarten Schmidt of Caltech) अपनी प्रयोगशाला में ब्रह्माण्ड की गहराइयों को अपने टेलिस्कोप से निहार रहे थे…

तभी उन्होंने आसमान में एक रौशनी के स्त्रोत को डिटेक्ट किया जिसे पहले उन्होंने सामान्य तारा समझ के ध्यान नही दिया था.

लेकिन… जब उन्होंने उस तारे की प्रॉपर्टीज का अध्ययन किया तो वे आश्चर्य से चिहुंक उठे…

जिसे उन्होंने सामान्य तारा समझा था… वो रौशनी का स्त्रोत… हमसे लगभग 2 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद था और…

रेड शिफ्ट के आधार पर… हमसे 48000 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से दूर जा रहा था.

इतनी दूरी पर होने के बावजूद… उस रौशनी के सामान्य तारे की तरह चमकने की एक ही वजह हो सकती थी.

और वो ये कि… तुलनात्मक अध्ययन पर वो रौशनी… खरबों सूर्यो की सम्मिलित रौशनी से भी ज्यादा चमकदार थी

आखिर ब्रह्माण्ड के इस महान प्रकाश के पीछे क्या रहस्य छुपा हुआ था? Lets Find It…

सूर्य से कई गुणा द्रव्यमान वाले तारे.. जब अपना सम्पूर्ण ईंधन खत्म कर अपने जीवन की आखिरी अवस्था में पहुच जाते है तो…

ऐसा तारा एक सुपरनोवा विस्फोट के साथ अपनी बाहरी परतों को ब्रह्माण्ड में छितरा देता है

और रह जाती है.. सितारे की अंदरुनी कोर जो जबरदस्त प्रेशर के कारण collapse हो जाती है

और… तारे का सम्पूर्ण द्रव्यमान.. एक बिंदु के आकार के स्थान में सिमट जाता है. स्पेस में बने इस बिंदु को… ब्लैक होल कहते है !!!

ब्लैक होल की ग्रेविटी इतनी शक्तिशाली होती है कि… इसकी जद में आने वाला प्रकाश भी ब्लैकहोल में सदा के लिए कैद हो जाता है.

ऐसे ब्लैक होल… एक समूचे तारे को कणों में विखंडित करके चट कर जाते है… तारों को खाने की प्रक्रिया में… ब्लैक होल के चारों ओर एक चकरी नुमा आकृति बन जाती है.

जैसे जैसे पदार्थ.. ब्लैकहोल के चारों तरफ चकरी नुमा शेप में घूमता हुआ ब्लैकहोल के अंदर गिरता है, वैसे वैसे… पदार्थ के घर्षण के कारण ये चकरी गर्म होकर चमकने लगती है.

इस चकरी से निकलने वाला प्रकाश… इस कदर अंधा कर देने वाला होता है कि… इस चकरी को एक ख़ास नाम दिया गया है – क्वेज़ार (QUASARS) !!!

मार्टिन द्वारा ढूंढा गया क्वेज़ार 3C273… अकेला… हमारी 200 अरब तारों से प्रकाशित समूची गैलेक्सी मिल्की वे से भी… 100 गुणा ज्यादा चमकदार है!!!

अब तक ढूंढे गए सभी क्वेज़ार हमसे अरबों प्रकाश वर्ष दूर है, अर्थात.. जब भी रात के आसमान में हम किसी क्वेज़ार को देखते है, तो वास्तव में… हम उन क्वेज़ार्स के “भूत” को देख रहे होते है.

क्योंकि उन क्वेज़ार्स का अस्तित्व बहुत पहले खत्म हो चुका है. लेकिन उन क्वेजार्स से निकला हुआ प्रकाश… अरबों प्रकाश वर्ष की दूरी तय कर.. आज हमारे पास पहुच रहा है.

चूँकि ब्लैक होल प्रकाश तक को अवशोषित कर लेते हैं… इसलिए… ब्लैक होल में जाने वाले पदार्थ का क्या होता है… इस बारे में अभी हमें कोई डायरेक्ट साक्ष्य नही मिला है.

None The Less… ब्लैक होल्स हमारे ब्रह्माण्ड के “सबसे रहस्यमयी अंधकार पूर्ण दानव” सरीखे है

But… what blows my mind here is…

ब्रह्माण्ड के सबसे महान प्रकाश का कारण… ब्रह्माण्ड का सबसे अंधकारमय रहस्य है
Brightest thing in the universe… is caused by… darkest thing !!!

तो अगली बार जब भी निराशा का अन्धकार जीवन में छा जाए और… रौशनी की कोई किरण दिखाई ना दे…

तो.. घबराइयेगा नहीं और याद रखियेगा कि..

कभी कभी… सबसे घने अंधेरों से ही… जीवन का सबसे महान प्रकाश उत्पन्न होता है.

Deepest dark can eventually also produce.. the greatest light in the world!!!!

विजय सिंह ठकुराय

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