कुम्हारों की मुस्कराहट और थैंक्यू दीदी में ही है मेरे 15 लाख

कानपुर में लगभग 40 प्रतिशत घरों ने झालरें नहीं लगायी हैं, हम भी उनमें से एक गौरवान्वित.

चीन बौखला रहा है, हमारे कुम्हार मुस्कुरा रहे हैं. राजकीय बालिका गृह, कानपुर की बालिकाओं द्वारा बनायी गयी मोमबत्तियों को खरीदने के बाद एक स्नेह से लबालब ‘थैंक्यू दीदी’ भी मिला था.

कुम्हारों की मुस्कराहट और उस ‘थैंक्यू दीदी’ में मेरे 15 लाख थे!!

आज अपनी बालकनी में एक बड़ा सा पोस्टर लगाने वाली हूँ जिसमे “Say NO To Chinese Products” लिख कर उसके ऊपर एक बल्ब लगाऊंगी. ये मेरी स्पेशल झालर होगी. मेरे दोनों बच्चे इस झालर से खुश हैं, चहक रहे हैं.

और इस स्पेशल झालर में भी 15 लाख हैं जो मोदी जी की तरफ से मैं एक आपिये/कॉन्गी/वामी के मुंह पर मारती हूँ!! हुंह!!

– ज्योति अवस्थी

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