अमेरिकन चुनाव में छाए रूसी राष्ट्रपति, ट्रंप-क्लिंटन में हुई आखिरी बहस

लास वेगस. अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए रिपब्लिकन डॉनल्ड ट्रंप और डेमोक्रैट हिलेरी क्लिंटन के बीच बुधवार शाम तीसरी और आखिरी बहस हुई.

भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह हुई इस बहस में ट्रंप और क्लिटंन ने एक दूसरे पर कई आरोप लगाए हैं और दोनों के बीच तीखी बहस हुई है.

इस बहस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छाए रहे. हिलेरी ने ट्रंप को पुतिन की कठपुतली बता डाला.

वहीं, ट्रंप के मुताबिक, पुतिन ने हर कदम पर हिलेरी को मात दी है. क्लिंटन और ट्रंप के बीच बहस में निजी आरोप-प्रत्यारोपों के साथ गर्भपात का हक, गन कंट्रोल, इमिग्रेशन जैसे मुद्दे छाए रहे.

करीब 1 करोड़ लोगों ने टेलिविजन के जरिए इस बहस को देखा. अब करीब 20 दिन बाद आठ नवंबर को अमेरिकी नागरिक वोटिंग करेंगे.

हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप के आने से रूस के साथ परमाणु अप्रसार की संधियां रद्द हो जाएँगी.

वहीं डोनल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर हिलेरी और राष्ट्रपति ओबामा पर अपनी एक रैली में हिंसा कराने का आरोप लगाया.

पुतिन और रूस

क्लिंटन ने आरोप लगाया कि डॉनल्ड ट्रंप अमेरिकी सैन्य और इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स के ऊपर रूस के सर्वोच्च नेता पुतिन को तरजीह दे रहे हैं.

हिलरी ने आरोप लगाया कि पुतिन ट्रंप की मदद कर रहे हैं, क्योंकि उनकी जीत से रूस को अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर एक कठपुतली मिल जाएगा.

हिलरी ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिकी नागरिक नहीं चाहेंगे कि अमेरिकी न्यूक्लियर हथियारों को चलाने वाले बटन पर ट्रंप की उंगलियां हों.

वहीं, ट्रंप ने पुतिन के साथ किसी भी तरह के रिश्ते होने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी चुनाव में किसी भी विदेशी दखल की निंदा करते हैं.

उन्होंने देश की इंटेलिजेंस कम्युनिटी के उस आकलन को खारिज किया, जिसके मुताबिक डेमोक्रेट संगठनों की हैकिंग में रूस शामिल रहा है.

ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने ओबामा और हिलरी, दोनों को ही मात दे दी है. ट्रंप के मुताबिक, क्लिंटन रूसी राष्ट्रपति को इसलिए नहीं पसंद करतीं क्योंकि उन्होंने हर कदम पर क्लिंटन को मात दी है.

ट्रंप ने कहा कि सीरिया और परमाणु मिसाइलों के मुद्दे पर राष्ट्रपति पुतिन ने हिलेरी और राष्ट्रपति ओबामा से ज़्यादा स्मार्ट साबित हुए हैं.

ट्रंप ने कहा, पुतिन मेरे दोस्त नहीं हैं, लेकिन अगर रूस और अमरीका साथ-साथ काम करते हैं तो ये बेहतर होगा.

महिलाएं और यौन शोषण

हिलेरी ने बार-बार ट्रंप पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का मुद्दा उठाया. हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप माफ़ी नहीं मांगते हैं, महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं और हिंसा की सराहना करते हैं.

डॉनल्ड ट्रंप ने यौन शोषण से जुड़े मुद्दों पर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया.

ट्रंप इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. उनका कहना है कि उनके खिलाफ यह साजिश हिलेरी रच रही हैं. उन्होंने कहा कि उनसे ज्यादा महिलाओं का सम्मान कोई नहीं करता.

हिलेरी ने कहा कि गर्भपात के मुद्दे पर वो महिलाओं के आधिकारों की रक्षा करेंगी. उन्होंने ये भी कहा कि वो एलजीबीटी समुदायों के अधिकारों की भी रक्षा करेंगी.

उधर ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यदि वो चुने जाते हैं तो गर्भपात को वैध ठहराते हुए जो फ़ैसला लिया गया था उसे पलट दिया जाएगा.

इमिग्रेशन पॉलिसी

ट्रंप ने कहा कि वो अमरीका-मेक्सिको के बीच दीवार बनाएंगे और अमरीका में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को वापस भेजेंगे. उन्होंने कहा, वे अवैध तौर पर अमरीका में रह रहे लोगों को आम माफ़ी देने के ख़िलाफ़ हैं.

ट्रंप ने कहा, हमें ऐसी सीमा चाहिए जो मज़बूत हो, हमें दीवार चाहिए, मैं ये बनाऊंगा. मैं ड्रग लोर्ड्स को बाहर निकालूँगा. हिलेरी यहाँ अवैध तरीके से रह लोगों के लिए आम माफ़ी चाहती हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए. वो खुले हुए बॉर्डर चाहती हैं.

उधर हिलेरी ने कहा कि वो परिवारों को एक दूसरे से अलग करने के ख़िलाफ़ हैं और चुने जाने के 100 दिनों के भीतर व्यापक सुधार वाली इमिग्रेशन पॉलिसी लेकर आएंगी.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अमरीका में 1.5 करोड़ लोग आधिकारिक कागज़ात के बिना रह रहे हैं जिनमें 1.1 करोड़ लोग और उनके 40 लाख बच्चे हैं.

हथियारों पर नियंत्रण

गन कंट्रोल के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के ऐसे जज का चुनाव करेंगे, जो अमेरिकी नागरिकों के हथियार रखने के अधिकारों की रक्षा करे.

ट्रंप के मुताबिक, क्लिंटन पूर्व में अमेरिकी संविधान के सेकंड अमेंडमेंट (दूसरे संशोधन) को खत्म कर देना चाहती थीं. यह संशोधन अमेरिकी नागरिकों को हथियार रखने का अधिकार देता है.

वहीं, क्लिंटन ने कहा कि वे हथियार रखने के अधिकारों का समर्थन करती हैं, लेकिन वे इस अधिकार पर अतिरिक्त बंदिशें चाहती हैं.

उन्होंने उन हादसों का जिक्र किया, जब बच्चों ने खुद को घायल कर लिया या वे मारे गए. हिलरी ने कहा, मुझे लोगों की जान बचाने और सेकंड अमेंडमेंट की रक्षा करने में कोई विरोधाभास नजर नहीं आता.

इराक़ पर उलझन

हिलेरी क्लिंटन ने इराक के मुद्दे पर साफ़ तौर पर कहा कि वो इराक़ में अमरीकी सेना को ज़मीनी लड़ाई के लिए भेजने के पक्ष में नहीं हैं.

उधर ट्रंप ने कहा कि इराक़ के मामले में असली विजयी पक्ष ईरान होगा. ट्रंप ने अमरीका और ईरान के बीच हुई परमाणु संधि की भी निंदा की.

वोटरों से अपील

अंत में हिलेरी ने कहा कि वो सभी अमरीकियों से अपील करती हैं कि उन्हें समर्थन दें क्योंकि वो परिवारों को प्राथमिकता देंगी, छात्रों को आगे पढ़ने में मदद करेंगी.

उधर ट्रंप ने आखिर में नारा दोहराया कि वो अमरीका को दुबारा महान बनाएंगे और कहा कि क़ानून-व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए सेना और पुलिस को बल देंगे.

नहीं मिलाया एक दूसरे से हाथ

इस आखिरी डिबेट में ट्रंप और क्लिंटन ने एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाया. मिसूरी के सेंट लुईस में हुई दूसरी डिबेट के दौरान दोनों ने हाथ मिलाया था.

ट्रंप और क्लिंटन, पिछली दो डिबेट के मुकाबले गंभीर नजर आए और बहुत कम बार ही मुस्कुराते दिखे.

90 मिनट की यह बहस लास वेगस के यूनिवर्सिटी ऑफ नेवाडा में हुई. फॉक्स न्यूज के एंकर क्रिस वॉलेस ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई.

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