महाकाव्य द डिवाइन कॉमेडी : प्रेम गाथाओं के इतिहास में एक अदृश्य प्रेम

वैश्विक लोक साहित्य और संस्कृति का इतिहास, मेरी समझ से प्रेम गाथाओं का ही इतिहास है. लोग कहते हैं कि सच्चा प्रेम अदृश्य होता है. लेकिन अदृश्य होने के बावजूद भी दुनिया में परम्परा से एक से बढ़ कर एक प्रेम गाथएं जन समुदाय में आज भी उतनी ही जीवन्त हैं, जितनी सैकड़ों हजारों साल पहले थीं. जैसे नल- दमयन्ती, लैला-मजनूँ, सोहनी-महिवाल, रोमियो-जूलियट, हीर-राँझा, लोरिक-चन्दा आदि.

परन्तु जिस न दिखाई देने वाले – अदृश्य प्रेम का जिक्र होता है, उस धरातल पर, एक प्रेम गाथा, जो मुझे अत्यंत अद्भुत – अद्वितीय और अद्यतन लगती है, सम्भवत: आप में से भी बहुतों को पसंद हो; महाकाव्य द डिवाइन कामेडी, लेखक दांते.

दांते की अपनी स्वयं की प्रेम कहानी

दांते का जन्म इटली के फ्लोरेंस नगर में 1265 AD में हुआ था. वह अपनी प्रेमिका विएट्रिस से पूरे जीवन में कुल और केवल 3 तीन बार मिला था.

पहली बार जब दोनों ने एक दूसरे को देखा था तब वह बालक था और केवल 9 वर्ष का था. कहा कुछ भी नहीं – बस टकटकी लगाए देखता रहा. विएट्रिस भी. दोनों ने कहा कुछ भी नहीं.

दूसरी मुलाक़ात भी 9 वर्ष बाद जब दोनों 18 वर्ष के हो गए थे. विएट्रिस ने अत्यंत श्रद्धा भाव से उसे नमस्कार किया. यद्यपि कि अभी भी दोनों के बीच – प्रेम की घनीभूत अनुभूति के बावजूद भी – शब्दों का आदान प्रदान नहीं – बस मौनाभिव्यक्ति…

प्रेम के उत्तुंग शिखर पर, दांते अपने साथ विएट्रिस को पाता – महसूस करता पर मुँह से एक शब्द भी नहीं बोलता.

बिएट्रिस भी उसकी महानता को, उसकी प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि को जानती थी – स्वीकार करती थी परन्तु उसे आभास तक नहीं था कि इटली का महानतम कवि साहित्यकार, उसका प्रेम उपासक है.

विएट्रिस का विवाह भी अन्यत्र हो गया. दांते जरा भी विचलित नहीं हुआ. अपनी साहित्य साधना में डूबता गया. विएट्रिस के प्रति प्रेम ही उसकी प्रेरणा थी. विएट्रिस का वैवाहिक जीवन बस कुछ वर्षों का ही रहा. 35 वर्ष की अवस्था में ही विएट्रिस की मृत्यु हो गई.

अपनी प्रेमिका की आकस्मिक मृत्यु पर दांते ने लिखा – मेरे जीवन की सारी खुशियाँ चली गईं. मैं सूना नहीं अपितु शून्य हो गया. निराश, निरानन्द, भग्न हृदय. इसी निराशावस्था में उसने लिख डाला ; विश्व प्रसिद्ध महाकाव्यद डिवाइन कॉमेडी.

इस महाकाव्य के नायक और नायिका कोई अन्य नहीं स्वयं दांते और उसकी प्रेयसी विएट्रिस हैं. पवित्रता के प्रतिमान प्रेमी युगल के प्रति हार्दिक श्रद्धा सुमन.

Ramadheen Singh

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