भाजपा का मनोवैज्ञानिक युद्ध हैं रीटा बहुगुणा 

हमारे यहां पहलवानी में एक कहावत है… तैयारी नहीं जीदारी लड़ती है.

जीदारी मने जी – दारी…. मर्द नहीं लड़ता बल्कि उसकी हिम्मत लड़ती है…. उसकी killing spirit ……. उसकी fighting spirit ……..

बहुत प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में, जैसे कि ओलम्पिक या world championship में, आम तौर पर खिलाड़ियों की physical मने शारीरिक फिटनेस तो करीब एक सी ही होती है…..

extreme fitness ले के पहुँचते हैं प्रतियोगी, पर अंततः जीतता वो है जिसमें मानसिक दृढ़ता होती है….

एक समय आता है कि दोनों खिलाड़ी, योद्धा या सेनाएं थक के चूर हो चुकी होती हैं, ऐसे में जीतता वो है जो जी-दार होता है…. आदमी पहले मन से हारता है…. शरीर तभी हार मानता है, जब मन हार जाता है…..

खेलों में doping यहीं काम आती है. शरीर जब थकने लगता है तो वो मस्तिष्क को बताता है…. अपन तो थक गए भाई…. अपने बस की ना है….

तो फिर मन कहता है, जब तेरे बस की ना है, जब तू थक गया तो रहन दे भाई…. छोड़ दे….. हार मान ले….

ऐसे में वैज्ञानिकों ने ऐसे chemical compounds तैयार किये जो शरीर की मसल्स के थकावट के impulse (संवेग) को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोक देते हैं.

ऐसे में मस्तिष्क को ये पता ही नहीं चलता कि शरीर थक चुका है, इसलिए वो लगातार आदेश देता रहता है…. शाबाश, लगे रहो, शाबाश…. लड़ते रहो….

और चूँकि मस्तिष्क से लगातार लड़ते रहने का आदेश आ रहा है, इसलिए शरीर लगा रहता है….

और कभी कभी ऐसा भी होता है कि बहुत ज़्यादा थकान के कारण अंततः बेहोश हो के वहीं मैदान पर गिर जाता है…. कई बार तो मौत भी हो जाती है.

इसे कहते हैं Psychological Warfare…… मने जीदारी की लड़ाई….. ये युद्ध का मनोविज्ञान है.

Psychological Warfare का सूत्र है…. अपनी सेना का मनोबल बना के रखो, शत्रु सेना का मनोबल तोड़ दो…

[राहुल और प्रशांत किशोर से नाराज़ रीटा ने छोड़ी कांग्रेस, बनीं भाजपाई]

आपने मार्शल आर्ट्स में देखा होगा…. योद्धा जोर से चिल्लाते हैं, तरह-तरह के एक्शन करते हैं, चेहरे पर हाव भाव पैदा करते हैं…

ये सब शत्रु को मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ने का उपक्रम होता है.

[भावना आहत मत करो शुद्धतावादियों, संदेश समझो]

अगर आपका शत्रु, मन से टूट गया तो आपका आधा काम तो हो गया.

आज कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीटा बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया.

[Follow Up : भावना आहत मत करो शुद्धतावादियों, संदेश समझो]

सन्देश साफ़ है…

सभी विरोधी पार्टियों को सन्देश चला गया है….. भाजपा की आंधी आ रही है…. सब कुछ उड़ा के ले जाएगी.

जैसे रीटा बहुगुणा जोशी उड़ गयी, सब उड़ जाएंगे…

कोई नहीं बचेगा…

रीटा बहुगुणा भाजपा का Psychological Warfare हैं, मनोवैज्ञानिक युद्ध हैं.

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