डिग्री विवाद : स्मृति को राहत, कोर्ट ने रद्द की शिकायत

नई दिल्ली. केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर एक शिकायत को कोर्ट ने रद्द कर दिया है.

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को राहत देते हुए समन भेजने से इंकार कर दिया.

इतना ही नहीं, कोर्ट ने शिकायतकर्ता को फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि उनकी मंशा केन्द्रीय मंत्री को परेशान करने की लगती है.

इससे पहले स्मृति की शैक्षिक योग्यता से जुड़े रिकॉर्ड चुनाव आयोग ने सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को दिए थे. उस वक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

तब यह कहा गया था कि अगर एफिडेविट में दी गई जानकारियां गलत हुईं तो धारा 125A के तहत कोर्ट झूठा हलफनामा देने पर जुर्माना, 6 महीने की सजा या दोनों कर सकता है.

कोर्ट ने इस मामले में स्मृति ईरानी को समन भेजने से इनकार करते हुए कहा, ‘पहली बात ये कि असली दस्तावेज समय के साथ खो गए हैं और उपलब्ध दस्तावेज मंत्री को समन भेजने के लिए काफी नहीं हैं.’

कोर्ट ने इसमें शिकायतकर्ता की मंशा पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की शिकायत करने में 11 साल लग गए यानी जाहिर है कि मंत्री को परेशान करने की मंशा से शिकायत की गई.

स्मृति ईरानी पर ये आरोप लगाकर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अपने अब तक के तीन चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी है.

उनके खिलाफ यह शिकायत कोर्ट में फ्रीलांसर राइटर अहमर खान ने दायर की थी. खान का आरोप है कि स्मृति ने अलग-अलग जगह अपने शैक्षणिक ब्योरे अलग-अलग दिए.

पिछले दो चुनाव में चुनाव आयोग को दिए गए शिक्षा को लेकर दिए हलफनामे आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. इनमें से एक शपथ पत्र में स्मृति ने खुद को बीकॉम बताया है तो दूसरे में बीए.

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