बेनौलिम (गोवा). पाकिस्तान के साथ रूस के बढ़ते सैन्य संबंधों और हाल ही में हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास पर रूस ने स्पष्टीकरण देते हुए भारत की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है.
गोवा में ब्रिक्स सम्मलेन में आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक करीबी मित्र तथा शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ सैन्य उपकरणों की बिक्री के लिए कोई बातचीत नहीं हुयी है और हाल ही में संपन्न सैन्य अभ्यास का मकसद आतंकवाद से मुकाबला करना था और यह भारत लक्षित नहीं था.
करीब 700 हाईटेक असैनिक और सैन्य कंपनियों के मूल संगठन रोस्टेक स्टेट कापरेरेशन के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने जोर दिया कि सैन्य अभ्यास उनके देश के पाकिस्तान के साथ संबंधों में ‘व्यापक’ बदलाव को नहीं दर्शाता.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध कुछ समय से हैं. कुछ क्षेत्रों में इसमें विस्तार हुआ है लेकिन मैं इसे व्यापक बदलाव नहीं कह सकता.
हाल ही में हुए सैन्य अभ्यास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर आतंकवाद से मुकाबला के आधुनिक तरीके से संबंधित था.
आतंकवाद को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आईएसआईएस सिर्फ अरब के लिए खतरा नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास विश्व शांति के लिए अहम है.
एमआई 35 युद्धक हेलीकाप्टरों की आपूर्ति पाकिस्तान को किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चेमेजोव ने कहा कि हमने हेलीकाप्टरों की आपूर्ति की है लेकिन वे विशिष्ट रूप से परिवहन हेलीकाप्टर हैं. आपूर्ति कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए कोई समझौता या बातचीत नहीं हुयी है.