शहद का चाँद

जब कोई रात
कई जन्मों के कड़वे घूँट पीती है
तो उसके आसमान को
एक चाँद नसीब होता है
जो जीवन की मिठास से
सराबोर होता है….

हमारे मिलन पर
उस चाँद की आँखों से
शहद की एक बूँद टपकी थी…..

मैंने जीवन का स्वाद चख लिया है…
और हाथ बढ़ा चुकी हूँ
उस चाँद को
अपनी कोख में बोने के लिए

कि इस धरती पर भी
उस चाँद के कदम पड़े
और इस सृष्टि में
कोई जीवन से अछूता न रहे….

– माँ जीवन शैफाली

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