पाकिस्तानी सेना के शक के घेरे में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ!

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नवाज़ शरीफ भले ही सेना के साथ अनबन की खबरों को खारिज कर रहे हों, लेकिन सेना और सरकार के बीच आई दरार छिप नहीं पा रही है.

पाकिस्तान के आर्मी चीफ राहील शरीफ ने शुक्रवार को अपने टॉप कमांडरों के साथ बैठक कर सरकार और सेना के बीच अनबन की खबर लीक होने की ज़िम्मेदारी परोक्ष रूप से नवाज़ सरकार के सिर मढ़ दी है.

राहील शरीफ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आतंकवाद से निपटने को लेकर देश के सैन्य और असैन्य नेतृत्व के बीच अनबन की खबर लीक होने पर ‘गंभीर चिंता’ जताई. बता दें कि यह खबर देने वाले पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के रिपोर्टर के देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई थी.

सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने रावलपिंडी जनरल हेडक्वार्टर्स में हुई कोर कमांडर कॉन्फ्रेंस की इस बैठक की अध्यक्षता की.

सेना ने एक बयान में कहा, प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के घर पर हुई एक अहम सुरक्षा बैठक की फर्जी और मनगढ़ंत खबर देने पर अपनी गंभीर चिंता जताई और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन माना.

खास बात यह है कि सेना के इस बयान में ‘लीक’ और ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के उल्लंघन’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया है. इसका मतलब यह निकलता है कि सेना, नवाज़ की अध्यक्षता में हुई इस गुप्त बैठक की खबर को डॉन को लीक करने के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार मानती है.

पाकिस्तान के शीर्ष अखबार डॉन ने पिछले हफ्ते अपनी एक खबर में कहा था कि हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों को सेना के परोक्ष समर्थन को लेकर असैन्य सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनातनी हुई थी.

खबर के बाद पत्रकार सायरिल अलमिडा के पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई थी जिससे देश के पत्रकार संघ काफी आक्रोश जताया था.

प्रतिष्ठित अखबार ने ‘निहित स्वार्थ और गलत रिपोर्टिंग’ के आरोपों को खारिज करते हुए एक संपादकीय प्रकाशित किया जिसमें कहा गया कि सरकार और सेना के बीच तनातनी से जुड़ी अलमिडा की खबर ‘विधिवत सत्यापित की गई है और यह पूरी तरह सही रिपोर्टिंग है.’

सेना ने कहा कि शुक्रवार की बैठक में प्रतिभागियों ने नियंत्रण रेखा के माहौल और सेना की अभियान संबंधी तैयारी पर खास ध्यान देते हुए आतंरिक और बाहरी सुरक्षा की स्थिति की व्यापक समीक्षा की.

प्रधानमंत्री के कार्यालय ने पिछले छह अक्टूबर को खबर आने के बाद से दोनों प्रतिष्ठानों के बीच किसी तरह की अनबन से लगातार इनकार किया है. हालांकि पाकिस्तान ने देश के एक प्रमुख पत्रकार की विदेश यात्रा पर लगी रोक आलोचनाओं के बाद शुक्रवार को हटा ली.

डॉन समाचारपत्र के पत्रकार सायरिल अलमिदा पर यात्रा प्रतिबंध लगाने को लेकर मीडिया घरानों, पत्रकार संगठनों एवं नागरिक समाज की ओर से सरकार एवं सेना की व्यापक आलोचना की गई थी.

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