‘सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है’, भोपाल में पीएम ने किया सर्जिकल स्ट्राइक की तरफ इशारा

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में शहीदों के सम्मान में ‘शौर्य स्मारक’ का उद्घाटन करते हुए परोक्ष रूप से पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है.

पीएम ने कहा कि भारतीय सेना अनुशासन एवं व्यवहार में एक नंबर की सेना है और सवा सौ करोड़ जनता का हौसला सेना की ताकत है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है.

शौर्य सम्मान सभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर पर आप लोगों के बीच आकर इस देश के वीर जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने का सौभाग्य और अवसर मिला है. हमारी सेना का सबसे बड़ा अस्त्र उनका मनोबल है. सवा सौ करोड़ जनता का हौसला सेना की ताकत है.’

पीएम ने कहा, ‘जैसे हमारी सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है, वैसे ही हमारे रक्षा मंत्री बोलते नहीं.’ इस मौके पर पीएम के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी मौजूद थे. मोदी ने कहा कि सेना का मनोबल उसका सबसे बड़ी ताकत होती है जो अस्त्र से नहीं आती.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट पर रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया.

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एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए. मुख्यमंत्री के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया.

प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठा. वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से ‘शहीदों… अमर रहे’ के नारे लगवाए.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारतीय सेना मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में हमने सेना का मानवता वाला रूप देखा. जम्मू-कश्मीर ने पहली बार इतनी बड़ी बाढ़ देखी जहां सेना ने लोगों की सेवा की. देश में आपदा के समय सेना ने साहसिक काम किया.’

पीएम ने सेना की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘अनुशासन और व्यवहार में भारतीय सेना नंबर एक है. अपनी जमीन की रक्षा में सेना एक कदम भी पीछे नहीं. सेना के जवान अपनी जवानी इसलिए खपा देते हैं ताकि हम चैन की नींद सो सकें.’

पीएम ने कहा कि यमन में फंसे 5 हजार भारतीयों को सेना ने बचाया. सेना ने यमन से पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाया. भारत ने कभी दूसरे की एक इंच जमीन के लिए झगड़ा नहीं किया.

उन्होंने कहा, दुनिया के शांति मिशन में सबसे ज्यादा भारतीय सैनिक हैं. दोनों विश्व युद्ध हमने नहीं किए लेकिन हमारी डेढ़ लाख सेना ने बलिदान दिया. पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया.

पीएम ने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, ‘लोग कहते थे कि मोदी केवल बोलता है कुछ करता नहीं.’

गौरतलब है कि शौर्य स्मारक 41 करोड़ की लागत से बना है. इस स्मारक में सैनिकों के शौर्य और बलिदान की कहानी दिखायी गया है. स्मारक में शौर्य एवं वीरता से भरी कविताएं भी उकेरी गई हैं.

शौर्य स्मारक में जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है. स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है.

शौर्य स्तम्भ एक 62 फीट ऊंचा स्तम्भ है, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है. स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है. पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है.

स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है. साथ ही शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है. शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है.

शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की. इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की.

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