हमारे यशस्वी नेतृत्व ने पाकिस्‍तान को दुनिया में अलग-थलग किया, विजयदशमी रैली में बोले भागवत

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को तबाह करने वाली सर्जिकल स्ट्राइक के लिए भारतीय सेना और नरेंद्र मोदी सरकार की प्रशंसा की.

संघ प्रमुख ने अपने वार्षिक दशहरा संबोधन में कहा कि इससे दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है तथा अशांति फैलाने वालों को संदेश गया है कि सहन करने की एक सीमा होती है. भागवत का संबोधन कश्मीर में जारी अशांति, सीमा पर तनाव और गौ-संरक्षण जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा.

विजयदशमी रैली में भागवत ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि देश धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. इस साल दशहरा कुछ खास है. जीवन में जो सीखा उस पर गर्व करें. आज संघ का 91वां स्थापना दिवस है. दशहरे के दिन ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्‍थापना दिवस होता है.

भागवत ने स्‍वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अभी का शासन काम करने वाला है, उदासीन नहीं. देश धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. कश्‍मीर पर संसद का संकल्‍प सबसे बेहतर है.

अपने संबोधन में भागवत ने कश्मीर मुद्दे से लेकर देश के भीतर गोरक्षा पर चल रहे विवाद को भी शामिल किया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार और भारतीय सेना की भी सराहना की. भागवत ने इसके साथ ही सामाजिक भेदभाव के उन्मूलन का भी संकल्प लिया.

संघ प्रमुख ने जम्मू कश्मीर का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे नेताओं की यह प्रतिबद्धता अच्छी है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर सहित समूचा राज्य भारत का है. मुजफ्फराबाद, गिलगित, बाल्टिस्‍तान समेत पूरा कश्‍मीर भारत का है. पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर हमारा है.

उन्होंने कहा, कार्रवाई में भी इन शब्दों जैसी शक्ति होनी चाहिए. हम अपनी सेना की ओर से दिखाए गए शौर्य से खुश हैं. कश्‍मीर में हंगामा करने वालों का प्रभाव बहुत कम है. उपद्रवियों से सख्‍ती से निपटना होगा. हुड़दंगियों को सीमा पार से मदद मिलती है और उकसाया जाता है.

संघ प्रमुख ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर भारतीय सेना की सराहना की और कहा कि सेना ने हिम्‍मत का काम किया है. सेना ने पाकिस्‍तान को सख्‍त संदेश दिया है. इससे दुनिया में भारतीय सेना की प्रतिष्‍ठा बढ़ी है.

भागवत ने सर्जिकल स्‍ट्राइक पर पीएम मोदी की तारीफ की और कहा कि यशस्‍वी नेतृत्‍व ने पाकिस्‍तान को दुनिया में अलग-थलग किया है. उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि नेतृत्व ने एक सराहनीय कार्य किया है. सेना ने भी हिम्मत का काम किया है.

उन्‍होंने कहा कि हमारी सीमाओं की हिफाजत पूरी तरह से होनी चाहिए, सीमा की सुरक्षा में एक पल की भी ढिलाई हमें महंगी पड़ सकती है. सीमा पर कुछ लोग हथियारों की तस्‍करी, जासूसी में लिप्‍त है.

उन्होंने कहा, सीमा पर कुछ आपराधिक शक्तियां उपद्रव करती हैं. घुसपैठ कैसे हो जाती है, कौन उन्‍हें देश के अंदर आने में मदद करता है. घुसपैठ को लेकर राज्‍यों को भी अलर्ट रहना होगा.

भागवत बोले, देश की सेना पूरी तरह से लैस होनी चाहिए. कश्मीर का अधिकांश हिस्सा तनावमुक्त है. जो भी हिंसा की गतिविधियों में लिप्त हैं, हमें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी. सख्त कार्रवाई करनी होगी. आवश्यक है कि वक्तव्य की यह शक्ति कार्रवाई में भी दिखनी चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख ने कहा कि हमारी सरकार के तहत सेना ने हाल में मुंहतोड़ जवाब दिया है. सेना और भारत की प्रतिष्ठा विश्व में बढ़ी है. अशांति फैलाने वालों को यह संदेश गया है कि सहन करने की एक सीमा होती है.

उन्होंने कहा, हमारे प्रति दुश्मनी रखता आ रहा पाकिस्तान अलग-थलग हो रहा है. हम सेना द्वारा दिखाई गई वीरता से प्रसन्न हैं. उन्होंने कहा कि सारी दुनिया जानती है कि सीमा पार से लगातार भड़काई जा रहीं विध्वंसक गतिविधियां ही कश्मीर घाटी में अशांति के लिए जिम्मेदार हैं.

संघ प्रमुख ने कहा कि कश्‍मीर में विस्‍थापितों को हक मिलना चाहिए. कश्‍मीर में इतना पैसा केंद्र से जाता है, वो कहां जाता है लोग जानना चाहते हैं.

मोहन भागवत ने स्वयंभू गोरक्षकों का बचाव किया और कहा कि असामाजिक तत्वों तथा कानून का पालन करने वाले गोरक्षकों के बीच अंतर को समझा जाना चाहिए.

भागवत ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर गौ-संरक्षण के लिए काम कर रहे लोगों की तुलना कानून तोड़ने वालों से नहीं की जा सकती है. उन्हें अलग से देखा जाना चाहिए.

गौरतलब है कि गोरक्षकों और उनके कृत्यों की वजह से पिछले कुछ महीनों के दौरान कई हिंसक घटनाएं हुई हैं.गोरक्षा से जुड़े लोग समाज के भले नागरिक हैं. मामूली घटनाएं बढ़ा चढ़ाकर पेश की जाती हैं. विरोधियों का काम कमियां निकालना है.

भागवत ने कहा कि दुनिया में ऐसी भी ताकतें हैं जो भारत को आगे बढ़ने नहीं देना चाहती हैं. हमारे यहां के स्वार्थ के कारण ऐसे लोगों को यहां समर्थन भी मिल जाता है.

उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में विरोधी दल सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं, जो गलत नहीं है लेकिन कभी कभी ऐसी घटनाएं घटती हैं जो नहीं होनी चाहिए. स्वार्थी शक्तियां उसका लाभ लेती हैं. हमें अपने समाज को इतना सजग बनाना होगा ताकि वो ऐसी शक्तियों को लाभ न लेने दे.

विजयदशमी के मौके पर संघ के सभी पदाधिकारी समेत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस भी मौजूद थे. इस मौके पर आरएसएस के हजारों कार्यकर्ता खाकी निकर की जगह गहरे भूरे रंग की फुल पैंट में अपने नए गणवेश में नजर आए.

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