भारत माता का सच्चा सपूत हरीश कृष्णास्वामी : बनाया अपडेटेड मॉडेम

डॉ हरीश कृष्णास्वामी भारत माता का एक सच्चा सपूत .. हमें तुम्हारी नई खोज पर गर्व है. इन्टरनेट के इस युग में जब आई पेड, लैपटॉप, स्मार्ट फोन ने पूरी दुनिया मे क्रान्ति ला दी है, ऐसे समय में इन्टर नेट की सुविधा ‘वायर लेस’ प्रणाली द्वारा सब जगह पहुँचाने में जिस “वाय-फाय” पद्धति का उपयोग किया जाता है, उसमें “मॉडेम” नामक उपकरण लगता है.

मॉडेम द्वारा टेलीफोन लाईन, केबल या स्मार्ट फोन की चिप या डौंगल में मिल रहे इन्टरनेट सिग्नलों को “होट-स्पॉट ” बना कर एक सीमित क्षेत्र में हवा में फैला दिया जाता हैं. जहाँ जहाँ मॉडेम द्वारा भेजा गया यह सिग्नल मिलता है वहां आप इन्टरनेट की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं.

मॉडेम के दो काम होते हैं, एक तो आप जो जानकारी लेना चाह रहे हैं उसे डाउन लोड करना, दूसरा वह जो डेटा आप किसी को भेजना चाहते हैं उसे भेजना. इन दोनों कामों के लिए अभी तक जो मॉडेम काम कर हे थे, वह एक समय में एक ही काम कर सकते थे. किसी एक फ्रीक्वेंसी का उपयोग करके डाटा डाउनलोड करना, अथवा दूसरी फ्रीक्वेंसी का प्रयोग करके डाटा अपलोड करके बाहर को भेजना. अभी तक बने अच्छे से अच्छे मॉडेम में यह परेशानी थी. एक समय में या तो डॉटा डाउनलोड कर सकते हैं या अपलोड. दोनों काम एक ही समय में एक ही फ्रीक्वेंसी पर नहीं हो सकते हैं.

डॉ हरीश कृष्णास्वामी ने एक नया इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और नई चिप मॉडम के लिए सफलता पूर्वक बना ली है. अब एक ही फ्रीक्वेंसी पर एक ही समय में साथ साथ डॉटा डाउनलोड और अपलोड दोनों काम करने में सफलता प्राप्त कर ली है. इससे नए मॉडम के ‘वाय-फाय’ से आरही इन्टरनेट सिग्नलों की गति अर्थात स्पीड दुगनी हो गई है. इस खोज के कारण अब आप अपने स्मार्ट फोन पर किसी से वीडियो चेटिंग करेंगे तो आपको सिग्नलों के बूटिंग का इन्तज़ार नहीं करना पडेगा. एक जगह से डॉटा दूसरी जगह भेजने और लाने मे अब आपका मॉडम दुगनी रफ़्तार से काम करने लगेगा.

डॉ हरीश कृष्णास्वामी ने सन् 2001 में बीटेक की उपाधि आईआईटी चेन्नई से प्राप्त की थी. इसके बाद 2003 में दक्षिणी केलीफोर्निया विवि अमेरिका से एमटेक, तथा 2009 में यहीं से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है. वर्तमान में हरीश कोलम्बिया विश्व विद्यालय न्यूयार्क में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे है.

अमेरिका में रहकर विलक्षण प्रतिभा के धनी भारत माता के हजारों सपूतों में से एक डॉ हरीश कृष्णास्वामी का हृदय से हम सब भारतवासी पुरज़ोर अभिनन्दन करते हैं. हमें उनकी उपलब्धि पर गर्व है.

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