बच्चों के छोटे हाथों को चाँद-सितारे छूने दो

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पिछले दिनों मेरे एक मित्र का फ़ोन आया, बंगलुरू से. अपनी 8 साल की बेटी की पढ़ाई को ले कर बेहद परेशान थे.

बेटी पढ़ाई में बिलकुल भी मन नहीं लगाती. कुछ भी समझा लो, कितना भी समझा लो नहीं समझती. घंटा भर पढ़ाओ, फिर पूछो कि क्या पढ़ा तो blank…

गणित के छोटे-छोटे सवाल भी नहीं करती. मैं भूल रहा हूँ, पर शायद उन्होंने बताया था कि लिखती भी नहीं. पर creative वर्क में उसका गज़ब रुझान है. क्या शानदार paintings बनाती है.

वो बोले कि मैं pre primary और primary education पर लिखी आपकी posts पढता हूँ और अपनी बेटी की समस्या को समझता हूँ. पर मेरी पत्नी नहीं समझती.

वो हमेशा बेटी के पीछे पड़ी रहती हैं. उसके सिर पर सवार रहती हैं. उसे पढ़ाती रहती है, ज़बरदस्ती. फिर उससे सवाल पूछती हैं, जिनका उत्तर जब वो नहीं देती तो ये नाराज़ होती हैं.

स्थिति अत्यधिक गंभीर है.

मैंने उन्हें सलाह दी कि वो तुरंत अपनी पत्नी के साथ बैठ के फ़िल्म ‘तारे ज़मीन पर’ देखें.

आपकी बच्ची यदि पढ़ने-लिखने-रटने और answer sheet भरने में बिलकुल भी मन नहीं लगा रही तो आप यूँ समझ लीजिए कि कोई बहुत गंभीर समस्या है…. आप दोनों में… बच्ची में नहीं.

ये कुछ कुछ ऐसा ही है जैसे आप अपने laptop पर किसी ऐसे software पर काम करना चाहते हैं जिसे वो support ही नहीं करता. गलती आपकी है. पहले वो software download कीजिये.

बच्चे का सिस्टम बेहद जटिल होता है. उसे अनावश्यक अत्यधिक push न करें. किताबी पढ़ाई के लिए भी push करना छोड़ दें.

उसके स्कूल में उसके teachers को समझा दें कि उसके homework और उसके exams की चिंता करना छोड़ दें.

यदि वो class में बैठ के किसी को disturb नहीं करती, क्लास के संचालन में कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं करती तो उसे 8th तक क्लास में बैठने दें. हर साल promote करते रहें.

बच्चा पूरे 10 साल यदि क्लास में बैठता है और सबके साथ सीखता है तो वो सारा ज्ञान उसके सिस्टम में, उसकी memory में कहीं न कहीं स्टोर हो रहा है.

आपके command पर, यानि आपके कहने पर आज वो answer sheet पर बेशक न उगले, पर उसके सिस्टम में वो saved है और आज नहीं तो कल, जब जैसी ज़रूरत होगी, वो बाहर आएगा.

आज यदि बच्ची को ज़रूरत से ज़्यादा push किया गया, तो इसके बेहद गंभीर, खतरनाक परिणाम हो सकते है. बच्ची बीमार हो सकती है.

सीखने की उसकी प्रक्रिया को एकदम natural way में होने दिया जाए.

आज उन मित्र का message आया. उन्होंने कुछ changes किये हैं.

उनकी पत्नी हालांकि अभी भी पूरी तरह समस्या को समझ नहीं रही, फिर भी हालात पहले से बेहतर हैं.

ऊपर दिए गए चित्र में दिख रहे डिब्बे उनकी बेटी द्वारा paint किए गए हैं.

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