Friday, February 28, 2020
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रचनात्मक विनाश - search results

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मोदी द्वारा अभिजात्य वर्ग के रचनात्मक विनाश को समझिये और समर्थन दीजिए

ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था ने extractive (दोहन करने वाली) संस्थाओं का निर्माण किया, चाहे वह अफ़्रीकी देश हो या भारत। स्वतंत्रता मिलने के बाद अफ्रीकी राजनेताओं...

काँग्रेस पोषित आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था का रचनात्मक विनाश कर रहे मोदी

कुछ सौ वर्षो की गुलामी के दौरान विदेशियों ने भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को विकृत कर दिया। स्वतंत्रता के बाद भारत के...

ई-कॉमर्स को कोसने से क्या होगा, रचनात्मक विनाश को समझें, नयी तकनीकी को अपनाएं

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2017 में भारत में लगभग दो लाख पचास हज़ार करोड़ रुपये का बिज़नेस इ-कॉमर्स के द्वारा हुआ. यह...

आम जनता अगर सशक्त हो गयी तो हो जाएगा ‘उन’ का रचनात्मक विनाश

एक प्रश्न पूछता हूँ. बचपन में हमारे माता-पिता क्यों कहते थे कि किसी भी चीज़ को समझ-बूझकर कर खरीदो. अगर कोई सस्ते में आलू बेचे...

रचनात्मकता के नाम पर हमारे मन-मस्तिष्क में क्या डाला जा रहा है, हमें नहीं...

कल अंग्रेजी फिल्म Fast & Furious 8 देखी. रविवार शाम कुछ और विशेष करने को नहीं था और पता चला कि यह फिल्म पिछले...

पांच वर्ष में मोदी ने खड़ी कर दी कानूनी और गैरकानूनी धन के बीच...

पहले धनी लोग अपने नंबर 2 के पैसे को मॉरिशस या साइप्रस ले जाते थे। वहां पर उन्हें टैक्स नहीं देना पड़ता...

पीएम मोदी की अलग-अलग सी दिखने वाली कार्रवाइयों में पांच वर्ष बाद दिख रहा...

11 जून 2014 को लोकसभा में अपने पहले उद्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "1200 साल की गुलामी की मानसि‍कता हमें...

प्रधानमंत्री ने की भारत की सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान की वृहद व्याख्या

बीती 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से चुनाव अभियान का शंखनाद के समय दिए गए भाषण को हर भारतीय...

विपक्ष का चोला ओढ़े, झूठ, छल और कपट का सहारा ले रहा है अभिजात्य...

अधपकी, बेमेल खिचड़ी विपक्ष की रणनीति अब स्पष्ट हो चुकी है। चूंकि इन्हें पता है कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा बनायी हुई...

ठग ऐसे-वैसे, ठग कैसे-कैसे!

मित्र रविंद्र कांत त्यागी ने आज कुछ लेख लिखे हैं जिनमें वह बतला रहे हैं कि कैसे दुष्ट प्रवृत्ति के लोग साधारण व्यक्ति को...
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